मैं हाथी को वोट डालती उससे पहले ही BJP एजेंट ने कमल का बटन दबा दिया- पुलिस से बोली दलित महिला

फरीदाबाद कथित बूथ कैप्चरिंग मामले में एक दलित महिला ने बताया कि वह जबतक EVM में BSP के निशान वाला बटन देख पाई उससे पहले ही BJP के बूथ एजेंट ने BJP का कमल वाला बटन दबा दिया.
फरीदाबाद, मैं हाथी को वोट डालती उससे पहले ही BJP एजेंट ने कमल का बटन दबा दिया- पुलिस से बोली दलित महिला

नई दिल्ली.  पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमे ये दिख रहा था कि पोलिंग बूथ के अंदर एक आदमी अन्य मतदाताओं के वोट डालने से पहले ही EVM मशीन का बटन दबा दे रहा था. निष्‍पक्ष वोटिंग पर सवाल उठने के बाद चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए इस पोलिंग बूथ पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था. साथ ही उस शख्स की गिरफ्तारी भी हुई थी.

इसके बाद ये साफ हुआ कि घटना हरियाणा के फरीदाबाद संसदीय सीट के प्रिथला विधानसभा क्षेत्र के असावती पोलिंग बूथ की है. जहां 12 मई को छठे चरण में मतदान हुआ था. हालांकि ये साफ़ नहीं हो पाया था कि वह शख्स किस पार्टी के लिए काम कर रहा था.

अब इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में विवेचना नाम की 23 वर्षीय दलित महिला ने बताया है कि वह जबतक EVM में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के निशान वाला बटन देख पाई उससे पहले ही भाजपा के बूथ एजेंट गिरिराज सिंह ने भाजपा का कमल वाला बटन दबा दिया.

दलित महिला ने बताया, “मैं चौंक गई. मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने मेरा वोट क्यों डाला और बटन दबा दिया. लेकिन, उसने कहा कि अब तो जो होना था हो चुका है और वापस जाकर अपनी सीट पर बैठ गया. मैंने BSP का बटन दबाया, लेकिन वोट पहले ही डल चुका था.”

चुनाव आयोग की जांच के बाद भाजपा के बूथ एजेंट गिरिराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था. इस पोलिंग स्टेशन पर 19 मई को दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए गए हैं. सिंह ने आरोपों को ख़ारिज किया है. पुलिस ने एक और शख्स के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसको वीडियो में मतदाताओं को प्रभावित करते हुए देखा जा रहा है.

विवेचना अकेली नहीं है, बूथ नंबर 88 पर जिसका वोट मत गलत तरीके से डलवाया गया हो. वीडियो में दिख रही एक और दलित महिला शोभा ने बताया है कि सिंह ने उसका वोट BJP को डाला. फरीदाबाद के इस पोलिंग बूथ पर 1,222 मतदाता हैं, जिसमे 657 पुरुष और 565 महिला हैं.

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तीसरी महिला विद्या ने बताया कि उसके साथ भी ऐसा ही किया गया. उसने कहा, ‘उनका वोट जबरदस्ती छीन लिया गया, ऐसा गांव जहां राजपूतों की अधिकता है वहां पहले से ही उनके समुदाय पर राजनीतिक दबाव रहता है.’ विद्या ने ये भी बताया कि सभी जानते हैं कि हम BSP को वोट डालते हैं, ऐसा पहली बार हुआ है. लेकिन विद्या के मुताबिक उसका जबरन वोट डालने वाला व्यक्ति गिरिराज सिंह नहीं था, बल्कि विजय रावत था. जोकि युवा राजपुताना संगठन का प्रमुख भी है.

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