डायमंड हार्बर: दांव पर ममता बनर्जी की साख, मुस्लिम साथ फिर भी BJP बिगाड़ सकती है खेल

पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर और बसीरहाट, दोनों ही सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का कब्‍जा है.

पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि 2009 से इस सीट पर कब्‍जा जमाए तृणमूल कांग्रेस के लिए इस बार राह आसान नहीं होनी वाली. BJP ने बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया है. पार्टी के इंटरनल सर्वे के अनुसार, वह यहां 10 सीटों पर कब्जा जमा सकती है. चुनाव प्रचार के दौरान BJP लगातार सरकार के ‘बुआ-भतीजे’ मॉडल को लेकर TMC को निशाना बनाती रही है.

जिस तरह से BJP ने पूरे राज्‍य में अपनी पैठ बनाने की जोर-आजमाइश की है, उसे राजनैतिक पंडित TMC के लिए बड़ी चुनौती के लिए देख रहे हैं. डायमंड हार्बर से अभिषेक बनर्जी को टक्कर देने के लिए बीजेपी ने नीलांजन रॉय जबकि माकपा ने फुआद हलीम को मैदान में उतारा है. नीलांजन रॉय के खिलाफ एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप हैं.

मुस्लिम वोट साबित होंगे निर्णायक?

TMC के लिए प्‍लस प्‍वॉइंट यह है कि इस सीट पर करीब 36 फीसदी मतदाता मुस्लिम है, जिनका समर्थन पार्टी को मिलने की उम्‍मीद है. लेफ्ट के हलीम अपने वोट बैंक को बरकरार रखने में सफल रहते हैं तो BJP के लिए कोई उलटफेर कर पाना मुश्किल हो जाएगा. 2016 के विधानसभा चुनावों के ट्रेंड देखें तो इस क्षेत्र में आने वाली सभी सातों सीटों पर TMC ने कब्‍जा किया था. 2018 के स्‍थानीय निकाय चुनावों में भी TMC जिला परिषद की सीटों पर कब्‍जा करने में सफल रही थी.

हालांकि इन्‍हीं चुनावों में ग्रामीण इलाकों में बीजेपी को खासी बढ़त हासिल हुई थी. निकाय चुनावों के परिणाम और ध्रुवीकरण के चलते वोटों के खिसकने की संभावना ही BJP को इस सीट पर नतीजे बदलने की उम्‍मीद दे रही है. डायमंड हार्बर सीट के नतीजे अभिषेक बनर्जी का पार्टी में रसूख भी तय करेंगे. फिलहाल नंबर 2 की भूमिका में अभिषेक अगर बड़े अंतर से चुनाव जीतने में असफल रहते हैं, तो पार्टी में भी उनकी साख घटेगी.

क्‍या है डायमंड हार्बर सीट का इतिहास

24 परगना जिले में आने वाली यह सीट 2009 से तृणमूल कांग्रेस के कब्‍जे में है. उससे पहले यहां से पांच बार माकपा के समिक लाहिड़ी चुनाव जीतते रहे थे. 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से बीजेपी को 15.92 फीसदी वोट हासिल हुए थे. तृणमूल कांग्रेस को 40.31 प्रतिशत वोट मिले.

डायमंड हार्बर, डायमंड हार्बर: दांव पर ममता बनर्जी की साख, मुस्लिम साथ फिर भी BJP बिगाड़ सकती है खेल
2014 के चुनावों में डायमंड हार्बर सीट के परिणाम

2014 में बनर्जी ने CPI-M के अबुल हसनत को 71,000 वोटों के अंतर से हराया था. अगर BJP को यहां जीत दर्ज करनी है तो उसे TMC और लेफ्ट, दोनों के वोट शेयर में खासी सेंध लगानी होगी.

बशीरहाट लोकसभा सीट का हाल

कभी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का गढ़ रही बशीरहाट संसदीय सीट पर पिछले दो चुनावों से तृणमूल कांग्रेस का कब्‍जा है. इस लोकसभा सीट में 7 विधानसभा क्षेत्र- बसीरहाट उत्तर, बसीरहाट दक्षिण, मनीखान, बदुरिया, हरी, संदेशखली और हिंगलगंज शामिल हैं. बशीरहाट लोकसभा सीट की सीमाएं बांग्‍लादेश से सटी हुई हैं. इस वजह से अवैध तस्‍करी यहां के लिए एक बड़ा मुद्दा है. मुस्लिम बहुल इस सीट की अधिकतर आबादी खेती और मछली पालन कर जीवनयापन करती है. करीब 86 फीसदी आबादी गांवों में रहती है. दो साल पहले सांप्रदायिक दंगों का असर भी खत्‍म नहीं हुआ है. अनुसूचित जाति के वोटर्स भी यहां पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं.

बशीरहाट में किनके बीच मुकाबला

बशीरहाट लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने इस बार अभिनेत्री नुसरत जहां रूही को टिकट दिया है. उनका मुकाबला सीपीआई के पल्लव सेनगुप्ता से होगा. भाजपा ने सायंतन बसु को उम्‍मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने काजी अब्दुर रहीम को चुनाव मैदान में उतारा है.

ये भी पढ़ें

ये चुनाव रहा विवादित बयान और माफी के नाम, इन नेताओं ने बयान देकर बोला सॉरी

दिल्ली में पूरा का पूरा मुस्लिम वोट कांग्रेस को शिफ्ट हो गया: अरविंद केजरीवाल