सीएम योगी और मायावती के इस बयान पर EC हुआ सख्त

बता दें कि चुनाव आयोग ने मेरठ में एक रैली के दौरान 'अली' और 'बजरंगबली' वाली टिप्पणी को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
adityanath mayawati barred campaign, सीएम योगी और मायावती के इस बयान पर EC हुआ सख्त

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चलाए जा रहे कैंपेन के दौरान नेताओं की बयानबाजी को लेकर पहली बार बेहद सख़्त क़दम उठाया है. आयोग ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे और मायावती पर 48 घंटे का प्रतिबंध लगाया. बता दें कि यह बैन मंगलवार सुबह 6 बजे से शुरू होगा.
बता दें कि चुनाव आयोग ने मेरठ में एक रैली के दौरान ‘अली’ और ‘बजरंगबली’ वाली टिप्पणी को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. जिसके बाद योगी ने अपने जवाब में दोबारा इस तरह की बात नहीं करने का आश्वासन दिया था. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने EC के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया था.

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था

मेरठ में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंगबली पर विश्वास है.’ योगी दरअसल देवबंद में बसपा प्रमुख मायावती के उस भाषण का जवाब दे रहे थे जिसमें मायावती ने मुस्लिमों से सपा-बसपा गठबंधन को वोट देने की अपील की थी.

योगी ने कहा था, ‘जब गठबंधन के नेताओं को अली पर विश्वास है और वे अली-अली कर रहे हैं तो हम भी बजरंगबली के अनुयायी हैं और हमें बजरंगबली पर विश्वास है.’

मायावती ने क्या कहा था
मायावती ने सहारनपुर में सात अप्रैल को मुसलमानों से सपा-बसपा गठबंधन के पक्ष में वोट देने की अपील की थी. उन्होंने कहा था, ‘मैं एक खुली अपील करना चाहती हूं. BJP से कांग्रेस नहीं बल्कि गठबंधन लड़ रहा है. कांग्रेस चाहती है कि गठबंधन की जीत न हो. कांग्रेस BJP की मदद करने की कोशिश कर रही है. मुस्लिम किसी भी बहकावे में आकर वोट को बंटने न दें.

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