बाबरी वाले बयान पर मुश्किल में प्रज्ञा ठाकुर, दिग्विजय बोले- रद्द करो नामांकन

बीजेपी द्वारा साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद 'हिंदुत्व' चुनावी मुद्दा बनने लगा है, और धार्मिक मुद्दों पर उनकी बयानबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है.

नई दिल्ली: चुनाव ने आयोग ने प्रज्ञा ठाकुर पर 72 घंटे का बैन लगाया है. चुनाव आयोग ने प्रज्ञा को समझाइश दी है कि वो ऐसा दोबारा न करें. प्रज्ञा ठाकुर ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है. चुनाव आयोग ने बैन के मामले में कहा है कि अगर इसके बाद भी प्रज्ञा ठाकुर नहीं मानी तो इससे भी कड़ा कदम उठाया जा सकता है.

प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने जब से लोकसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है तब से वो अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रज्ञा पर टिप्पणी करते हुए उनका नामांकन रद्द किए जाने की बात कही है.

Pragya Thakur, बाबरी वाले बयान पर मुश्किल में प्रज्ञा ठाकुर, दिग्विजय बोले- रद्द करो नामांकन

बैन के आदेश पर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बयान दिया है कि अभी चुनाव आयोग का पत्र हाथ में नहीं आया है. चुनाव आयोग का सम्मान करती हूं. जो भी आदेश होगा हमारी लीगल टीम उसे देख रही है. भोपाल का हर व्यक्ति प्रज्ञा ठाकुर बनकर प्रचार करेगा.

बता दें राम मंदिर पर दिए बयान की वजह से प्रज्ञा पर कार्रवाई की गई है. TV9 भारतवर्ष से बातचीत के दौरान ठाकुर ने कहा कि उन्होंने बाबरी ढांचे पे चढ़कर उसे तोड़ा था. उन्होंने बातचीत में कहा, ‘हमने देश का कलंक मिटाया था हम ढांचा तोड़ने गए थे. मुझे भयंकर गर्व है ईश्वर ने मुझे अवसर दिया था, शक्ति दी थी और मैंने ये काम कर दिया. अब वहीं राम मंदिर बनाएंगे.’

प्रज्ञा ठाकुर ने इससे पहले मुंबई एटीएस के प्रमुख रहे 26/11 के शहीद हेमंत करकरे पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने करकरे को ‘श्राप दिया था, इसलिए वह आतंकवादियों का शिकार बने’.

प्रज्ञा के इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही थी और आखिरकार चुनाव आयोग ने उनकी इस हरकत पर सख्ती दिखाई है.

ये भी पढ़ें- प्रज्ञा ठाकुर के बाबरी तोड़ने के दावे पर उठा सवाल, क्या तब उम्र थी बस 4 साल?