अमेठी में नहीं हुई बूथ कैप्चरिंग, स्मृति ईरानी का दावा झूठा: चुनाव आयोग

अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया था.

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी में बूथ कैप्चरिंग कराने के आरोप को गलत पाया है. उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी वेंकटेश्वर लू ने कहा कि मामले की जांच करवाई गई. मौके पर सभी पार्टियों के पोलिंग एजेंट से भी पुछताछ की गई. लेकिन जांच में स्मृति के दावे आधारहीन निकले हैं.

एक महिला मतदाता ने लगाया था आरोप
लोकसभा चुनाव 2019 में देश की सबसे चर्चित लोकसभा सीट अमेठी में सोमवार को पांचवें चरण के तहत मतदान हुआ था. इस दौरान अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा के गूजर टोला क्षेत्र में बूथ संख्या 316 पर एक महिला मतदाता ने वहां तैनात पीठासीन अधिकारी पर कांग्रेस पार्टी के पक्ष में जबरन वोट कराने का आरोप लगाया था.

स्मृति ईरानी ने शेयर किया वीडियो
अमेठी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया था और आयोग से इसकी शिकायत की थी. इसके बाद पीठासीन अधिकारी को तुरंत हटा दिया गया था.

‘राहुल गांधी करवा रहे बूथ कैप्चरिंग’
एक व्यक्ति ने महिला की शिकायत के 23 सेकेंड के एक वीडियो को अपने ट्विटर पर साझा किया था. इसे रीट्वीट करते हुए स्मृति ने कहा था, “चुनाव आयोग अलर्ट, राहुल गांधी सुनिश्चित कर रहे हैं कि बूथ कैप्चरिंग हो.”

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