नमो टीवी पर बीजेपी को झटका, EC ने कहा- बिना मंजूरी के न प्रसारित हो चुनाव सामग्री

इस मामले पर बात करते हुए पोल पैनल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक कंटेंट को दिखाए जाने के लिए लोकल मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी को हर हाल में चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करना चाहिए.

नई दिल्ली: चुनाव आयोग का कहना है कि नमो टीवी बिना प्रमाणपत्र के अपने चैनल पर कोई भी राजनीतिक कंटेंट नहीं चला सकता है. गुरुवार को चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से कहा कि चूंकि नमो टीवी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से स्पॉन्सर्ड है, इसलिए इस चैनल पर दिखाए जाने वाले रिकॉर्ड प्रोग्राम को मीडिया सर्टिफिकेशन और दिल्ली की निगरानी समिति द्वारा पूर्व-प्रमाणित किया जाना चाहिए.

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने बिना प्री-सर्टिफिकेशन के दिखाए जा रहे राजनीतिक कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए. इस मामले पर बात करते हुए पोल पैनल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक कंटेंट को दिखाए जाने के लिए लोकल मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी को हर हाल में चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करना चाहिए.

चुनाव आयोग ने कहा, “नमो टीवी/कंटेंट टीवी एक डीटीएच प्लेटफॉर्म सर्विस है, जिसे आधार बनाकर बीजेपी के लिए एक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है. बिना सर्टिफिकेशन के इस पर प्रसारित होने वाले सभी राजनीतिक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए और इस सम्बंध में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए. सभी राजनीतिक विज्ञापन और राजनीतिक कंटेंट वाले रिकॉर्ड किए गए सभी प्रोग्राम को टेलीकास्ट करने से पहले MCMC की ओर से प्री-सर्टिफाइड होना जरूरी है.”

बता दें कि कांग्रेस ने नमो टीवी पर प्रसारित होने वाले कंटेट को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी, जिसके बाद आयोग ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी को इस मामले पर अपना जवाब देने को कहा था.

वहीं इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पोल पैनल को कहा था कि नमो टीवी केवल विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला एक प्लेटफॉर्म है, जिसे मंत्रालय से लाइसेंस की जरूरत नहीं है.