बैन खत्म होते ही प्रज्ञा को फिर नोटिस, मंदिर जाने पर बोलीं- मेरा निजी मामला

चुनाव आयोग ने भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव प्रचार पर गुरुवार सुबह छह बजे से 72 घंटे की रोक लगा दी थी. इसे लेकर कांग्रेस ने आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में भोपाल सीट से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव आयोग ने एक और नोटिस भेजा है. दरअसल, प्रज्ञा आयोग द्वारा प्रचार पर रोक लगाए जाने के बावजूद शुक्रवार को मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी. इस मौके पर उन्होंने ढोलक बजाए और भजन भी गए थे. आयोग ने इसी मामले में प्रज्ञा को नोटिस भेजा है.

EC ने 72 घंटे की लगाई थी रोक
चुनाव आयोग ने प्रज्ञा के चुनाव प्रचार पर गुरुवार सुबह छह बजे से 72 घंटे की रोक लगा दी थी. इसे लेकर कांग्रेस ने आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी. इस पर भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कहा था, “कांग्रेस का जोर चले तो वह लोगों के मंदिर जाने तक पर रोक लगा दे. यह तो मंदिर जाना हमारा अधिकार है, इसे कोई रोक नहीं सकता.” वहीं, साध्वी प्रज्ञा सिंह ने नोटिस का जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि मंदिर में जाना मेरा निजी विषय है.

‘बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने का अफसोस नहीं’
इससे पहले चुनाव आयोग ने प्रज्ञा को उनके बाबरी मस्जिद पर दिए बयान को लेकर नोटिस जारी किया था. प्रज्ञा ने कहा था, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है. ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं. हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया.”

उन्होंने आगे कहा था, “हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे. ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है. वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे.”

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‘मेरे शाप से मारा गया हेमंत करकरे’
चुनाव आयोग प्रज्ञा को मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे शहीद हेमंत करकरे पर दिए विवादित बयान को लेकर भी नोटिस भेज चुका है. प्रज्ञा ने कहा था, “उन दिनों मुंबई जेल में थी. जांच आयोग ने सुनवाई के दौरान एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते. तब हेमंत ने कई तरह के सवाल पूछे, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि इसे भगवान जाने. इस पर करकरे ने कहा कि तो क्या मुझे भगवान के पास जाना होगा.”

उन्होंने आगे कहा था, “मैंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था और सवा माह के भीतर ही आतंकवादियों ने उसे मार दिया था. हिंदू मान्यता है कि परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु होने पर सवा माह का सूतक लगता है. जिस दिन करकरे ने सवाल किए, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था, जिसका अंत आतंकवादियों द्वारा मारे जाने से हुआ.”