PM मोदी को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज हैं चुनाव आयुक्त अशोक लवासा? EC ने दी सफाई

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सफाई जारी करते हुए कहा कि जरुरी नहीं है कि चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय कमीशन के सभी सदस्य एक विचार के हों.

नई दिल्ली. चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने चुनाव आयोग की मीटिंग में शामिल होने से साफ मना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इसपर सफाई भी दी है.

सूत्रों का ये भी कहना है कि, लवासा ने ये फैसला अल्पमत के फैसले को रिकॉर्ड नहीं किए जाने के विरोध में किया है. उन्होंने कहा है, ‘मीटिंग में जाने का कोई मतलब नहीं है इसलिए दूसरे उपायों पर विचार कर सकता हूं.’

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बता दें कि उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी को विवादित बयानों के मामले में क्लीन चिट दिए जाने पर उनके(लवासा) फैसले को रिकॉर्ड नहीं किया गया. गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को 6 मामलों में किसी भी पोल कोड के उल्लंघन का दोषी नहीं माना था. चुनाव आयोग (Election Commission) की तीन सदस्यीय कमीशन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और दो चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा शामिल थे.

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उन्होंने लिखा, ‘इस मामले में दूसरे कानूनी तरीकों पर भी विचार करेंगे. मेरे कई नोट्स में रिकॉर्डिंग की पारदर्शिता की जरूरत के लिए कहा गया है.’ इस पत्र को पाने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने अशोक लवासा के साथ मीटिंग बुलाई थी. बता दें कि लवासा ने पीएम मोदी के 21 मई को गुजरात में दिए गए भाषण पर मिली चुनाव आयोग की क्लीन चिट पर आपत्ति जताई थी.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी सफाई

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सफाई जारी करते हुए कहा कि जरुरी नहीं है कि चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय कमीशन के सभी सदस्य एक जैसे हों. पहले भी चुनाव आयोग के अलग-अलग सदस्यों के विचारों में मतभेद देखा गया है.  मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये भी कहा है कि वह कभी निजी तौर पर सार्वजानिक बहस से भागे नहीं है, लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है.

अशोक लवासा, PM मोदी को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज हैं चुनाव आयुक्त अशोक लवासा? EC ने दी सफाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जारी किया बयान.

इन मामलों में पीएम को मिली क्लीन चिट

चुनाव आयोग ने चार मई को कहा कि मोदी ने गुजरात के पाटन में 21 अप्रैल को दिए अपने भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार ने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान को मजबूर कर दिया था.

यह उनका छठा भाषण था जिसे चुनाव आयोग द्वारा क्लीन चिट दी गई. आयोग ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में मोदी के उस भाषण में भी कुछ गलत नहीं पाया जिसमें उन्होंने कथित रूप से कांग्रेस को डूबता जहाज बताया था.

इससे पहले चुनाव आयोग ने वर्धा में एक अप्रैल को मोदी के उस भाषण को भी क्लीन चिट दे दी थी जिसमें उन्होंने केरल की अल्पसंख्यकों की बहुलता वाली सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला था.

चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को लातूर में पहली बार वोट डालने जा रहे मतदाताओं से पुलवामा के शहीदों के नाम अपना वोट समर्पित करने की उनकी अपील पर भी उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.

शरद यादव की प्रतिक्रिया

लोकतांत्रिक जनता दल पार्टी के अध्यक्ष शरद यादव ने EC के चल रहे विवाद को लेकर BJP पर निशाना साधा है, “पहले चुनाव आयोग से खबरें नहीं आती थी, अब आ गयी है, इसे मैं ठीक नहीं मानता.  भारतीय जनता पार्टी ने हर संस्था को नुकशान पहुंचाया है. जिन्दा लोगों के लिए संविधान हैं, मंदिर मस्जिद के लिए नहीं है. मोदी ने संविधान का मज़ाक उड़ाया है.”

कांग्रेस का बयान

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूरे मामले पर कहा,  “चुनाव आयोग मोदी जी की पिट्ठू बन चुका है, अशोक लवासा जी की चिट्ठी से साफ है सीईसी और उनके सहयोगी लवासा जी का जो भिन्न ओपिनियन है मोदी जी और अमित शाह को लेकर उसको भी रिकॉर्ड करने को तैयार नहीं हैं.”