‘EVM में कोई गड़बड़ी हो ही नहीं सकती’ विपक्ष के दावे पर बोले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

अशोक लवासा के मामले में पूर्व CEC ओपी रावत ने कहा कि, 'अगर लवासा इतने ही गंभीर हैं तो उन्होंने अपना डिसेंट सार्वजनिक क्यों नहीं कर दिया. उन्हें किसने रोका.'

नई दिल्ली.  इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के मामले में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने TV9 भारतवर्ष से की खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि, ‘EVM पूरी तरह से सुरक्षित है. VVPAT आने के बाद और ज्यादा पारदर्शिता आ गई है. कहीं कोई गड़बड़ी हो नहीं सकती. ये संभव नहीं है.’

उन्होंने EVM पर खड़े हो रहे सवालों पर कहा, ‘चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी तरह EVM का ट्रांसपोर्टेशन संभव नहीं है. नियम बहुत ज्यादा कड़े हैं. किसी के कहने से कुछ नहीं होता. कोई अधिकृत व्यक्ति ये नहीं कह रहा कि खराब EVM ट्रांसपोर्ट की गई. जब भी EVM से जुड़ी प्रक्रिया होती है. हर मौके पर पॉलिटिकल पार्टी का प्रतिनिधि मौजूद रहता है. किसी भी तरह टेंपरिंग संभव नहीं है.’

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उन्होंने आगे कहा कि,  ‘ये हो सकता है कि पूर्व में किसी ने किसी अफसर जो चारित्रिक रूप से दुर्बल हो उसके जरिए कुछ किया हो तो अब राजनैतिक दल सोच रहे होंगे कि पहले ऐसा हुआ है तो फिर ऐसा हो सकता है. ये सिर्फ एक कयास है. हम सब उस समाज से हैं जहां 33% पासिंग मार्क्स हैं.’

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अशोक लवासा के मामले में ओपी रावत ने कहा कि, ‘अगर लवासा इतने ही गंभीर हैं तो उन्होंने अपना डिसेंट सार्वजनिक क्यों नहीं कर दिया. उन्हें पूरा अधिकार है. उनसे पूछिए वो खुद अपना डिसेंट सार्वजनिक क्यों नहीं करते? किसने रोका है उन्हें. नियम ये है कि सर्वसम्मति से ही फैसला लिया जाएगा.’

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