सेना पर योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर पूर्व नेवी चीफ ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

उन्होंने पत्र में लिखा है, "सैन्य बल किसी की निजी शक्ति नहीं है और न ही वह किसी राजनीतिक दल से संबंध रखता है."

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “मोदीजी की सेना” वाले बयान को लेकर पूर्व नेवी चीफ एडमिरल एल रामदास ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है. एडमिरल एल रामदास योगी आदित्यनाथ के इस बयान से खासे नाराज हैं.

उन्होंने पत्र में लिखा है, “सैन्य बल किसी की निजी शक्ति नहीं है और न ही वह किसी राजनीतिक दल से संबंध रखता है. इस तरह के सुझाव पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.” उन्होंने यह पत्र मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखा है.

गौरतलब है कि 30 मार्च को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में आयोजित पार्टी की चुनावी सभा में भारतीय सेना को ‘मोदी जी की सेना’ कहकर संबोधित किया था. योगी के इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने सेना का अपमान बताते हुए कई सवालों से घेरा है.

कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सेना का नाम बदलकर मोदी सेना कर दिया है. यह हमारे सशस्त्र बलों का अपमान है. वह भारत की सशस्त्र सेना है, न कि प्रचार मंत्री की निजी सेना. योगी आदित्यनाथ को माफी मांगनी चाहिए.” इस मामले में चुनाव आयोग ने भी जिलाधिकारी गाजियाबाद से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है.

ये है पूरा मामला

दरअसल सीएम योगी ने रविवार को गाजियाबाद से भाजपा उम्मीदवार जनरल वीके सिंह की चुनावी सभा में अपने भाषण में कहा था कि कांग्रेस के लोग आतंकियों को बिरयानी खिलाते थे, लेकिन अब ‘मोदी जी की सेना’ सिर्फ उन्हें गोली देती है.”

भारतीय सेना को मोदी की सेना बताने पर राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई है. सपा, बसपा, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव के समय सेना का राजनीतिकरण किया जा रहा है.