गुजरात के 15 बूथों पर मॉक पोल का डेटा मिटाए बिना हो गई वोटिंग, अब VVPAT की होगी गिनती

पाटन, मेहसाणा, गांधीनगर, अहमदाबाद ईस्ट, अहमदाबाद वेस्ट, सुरेंद्रनगर, राजकोट, छोटा उदेपुर, भारुच, वलसाड और जूनागड़ के पोलिंग बूथ से मॉक पोल डाटा मिटाया नहीं गया था.

अहमदाबाद: गुजरात में 930 मतदान केंद्रों के अलावा चुनाव आयोग ने 15 अन्य पोलिंग बूथ पर वीवीपीएटी स्लिप की अनिवार्य गिनती गुरुवार को कराने का फैसला किया है. ये वो केंद्र हैं, जिनपर प्रीसाइडिंग ऑफिसर ईवीएम मशीन से वोटिंग से पहले मॉक पोल डाटा मिटाना भूल गए थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी है. साइट के हाथ डाटा लगा है, जिसमें बताया गया है कि पाटन, मेहसाणा, गांधीनगर, अहमदाबाद ईस्ट, अहमदाबाद वेस्ट, सुरेंद्रनगर, राजकोट, छोटा उदेपुर, भारुच, वलसाड और जूनागड़ के पोलिंग बूथ से मॉक पोल डाटा मिटाया नहीं गया था. अहमदाबाद वेस्ट, छोटा उदेपुर, भारुच और वलसाड के दो-दो पोलिंग बूथ और अन्य लोकसभा सीट पर एक-एक सीट पर वीवीपीएटी स्लिप से वोट्स की काउंटिंग की जाएगी.

मतदान शुरू होने से पहले, प्रीसाइडिंग ऑफिसर वोट एजेंट्स को दिखाता है कि मशीन में परिणाम बटन दबाकर कोई छिपा हुआ वोट दर्ज नहीं किया जाता. इसके बाद वे पोलिंग एजेंट्स की उपस्थिति में कम से कम 50 वोटों के साथ एक मॉक पोल आयोजित किया जाता है और ईवीएम कंट्रोल यूनिट में मौजूद स्टोर्ड इलेक्ट्रॉनिक रिजल्ट के साथ इसे टैली किया जाता है.

इसके बाद प्रीसाइडिंग ऑफिसर वास्तविक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पहले मॉक पोल डाटा को मिटाने के लिए क्लियर बल्ट को दबाता है, लेकिन इन15 बूथों में अधिकारी ऐसा करना भूल गए. अधिकारियों को पोलिंग एजेंट्स के सामने ‘total’ बटन को दबाना होता है, जो कि ऐसा करने पर जीरो दर्शाता है. इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले इस कंट्रोल यूनिट को सील कर दिया जाता है.

रिपोर्ट के अनुसार, जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या गुजरात में जिन लोगों से यह गलती हुई है उनपर कार्रवाई की जाएगी, तो इसका जवाब देते हुए एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, “अधिकारियों से बस यह भूल हुई है और आयोग ने फैसला किया है कि ईवीएम डाटा के बजाए वीवीपीएटी स्लिप से गिनती कर ली जाएगी.”