NDA को बहुमत नहीं मिलने पर इस प्लान के साथ तैयार है कांग्रेस

कांग्रेस को उम्मीद है कि वह केरल, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, महारष्ट्र और कर्नाटक में अच्छा प्रदर्शन करेगी.

नई दिल्ली. ये मानते हुए कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 272 के जादुई आकड़े से दूर रह जाएगी, कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने का एक त्रिस्तरीय प्लान तैयार किया हुआ है. परिणाम आने से पहले हर तरह की संभावनाओं की कल्पना की जा सकती है, इसी को देखते हुए कांग्रेस अपने प्लान के साथ तैयार है.

कांग्रेस के सूत्रों ने बताया है कि योजना के संचालन के लिए अभिषेक मनु सिंघवी की अध्यक्षता में कांग्रेस की कानूनी टीम ने तीन पत्र तैयार किए हैं. अगर NDA बहुमत से दूर रह जाती है तो विपक्ष एक नए नाम के साथ एक नए गठबंधन के गठन की घोषणा करने की योजना बना रहा है. यह यूपीए प्लस होगा क्योंकि इसमें कई नए घटक दल शामिल होंगे. 

योजना, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के सामने मोर्चे के सभी घटक दलों के नेताओं के हस्ताक्षर के साथ एक पत्र भेजने की है, जिससे उन्हें नए गठबंधन के गठन के बारे में सूचित किया जाएगा. इसके बाद दो और पत्र भेजे जाएंगे, एक सरकार के गठन का दावा पेश करेगा और दूसरा देर रात को नए मोर्चे के नेता के बारे में राष्ट्रपति को सूचित करेगा.

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सिंघवी ने संपर्क किए जाने पर टिप्पणी से इनकार कर दिया. सूत्रों ने कहा कि दस्तावेज एक छोटे कोर ग्रुप द्वारा तैयार किया गया है. जिसमें सिंघवी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और राहुल गांधी के करीबी के. राजू शामिल हैं.

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एग्जिट पोल में BJP ने नेतृत्व वाली सरकार बनते दिखाए जाने के बावजूद कांग्रेस का मानना है कि NDA बहुमत से बहुत दूर रह जाएगी. कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी उन क्षेत्रीय नेताओं में से एक को मौका देने से नहीं कतराएगी, जिनको जनता अच्छे नंबर देती है. पार्टी के सूत्रों का ये भी कहना है कि वह कर्नाटक मॉडल की तरह सरकार बनाने को तैयार है. बता दें कि, कर्नाटक में दूसरी सबसे पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने तीसरे नंबर पर रहने वाली जनता दल सेक्युलर के साथ गठबंधन कर उन्ही का मुख्यमंत्री बनाया था.

कांग्रेस के अंदर नेताओं का मानना है कि पार्टी को 120 से 140 सीटों के बीच मिल सकती है. और उनका ये भी मानना है कि कई क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर वह सरकार बनाने की स्थिति में आ जाएगी. BJP को रोकने के लिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश के सपा-बसपा गठबंधन पर भी बहुत निर्भर है.