इन 28 करोड़ वोटरों ने 2019 चुनाव में वोट डाला तो उलट-पलट हो जाएंगे नतीजे

2014 लोकसभा चुनाव में 83 करोड़ रजिस्‍टर्ड वोटर्स में से करीब 28 करोड़ मतदाताओं ने वोट नहीं डाला. सोचिए अगर 2019 में ये वोटर्स पोलिंग बूथ तक पहुंच गए तो नतीजे क्‍या होंगे?

नई दिल्‍ली: 2014 लोकसभा चुनाव में 83 करोड़ रजिस्‍टर्ड वोटर्स में से करीब 28 करोड़ मतदाताओं ने वोट नहीं डाला. इन 28 करोड़ वोटर्स में ज्‍यादातर वे लोग हैं, जो नौकरी, शादी या पढ़ाई के बाद घर छोड़कर अस्‍थाई तौर पर अपने मूल स्‍थान से दूर रह रहे हैं. ये लोग रजिस्‍टर्ड वोटर तो हैं, मतलब मतदाता सूची में इनका नाम है, लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में इन्‍होंने वोट नहीं डाला.
जरा सोचिए अगर 2019 लोकसभा चुनाव में इन 28 करोड़ वोटर्स में से अगर 10 करोड़ भी पोलिंग बूथ तक पहुंच गए तो सीटों के आंकड़ों की कहानी इस तरह पलट जाएगी, जैसी कभी किसी ने सपने में भी नहीं सोची होगी.
2014 लोकसभा के आंकड़ों की बात करें तो इसमें बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्‍ता में आई थी। पिछले चुनाव में बीजेपी को करीब साढ़े 17 करोड़ वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 10 करोड़ से थोड़ ज्‍यादा. अन्‍य 8 बड़े दलों को करीब 13 करोड़ वोट मिले थे. मतलब कांग्रेस और बीजेपी दोनों को प्राप्‍त हुए वोट मिलाकर भी आंकड़ा 28 करोड़ तक नहीं बन पा रहा है.
क्‍यों नहीं वोट डाल पाए ये 28 करोड़ वोटर 
-2014 लोकसभा चुनाव में इन 28 करोड़ वोटर्स के वोट न डाल पाने के पीछे कई वजह हैं. नंबर एक तो यह कि इनमें से बहुत से लोग ऐसे होंगे, जो वोट डालना पसंद ही नहीं करते. उन्‍हें राजनीति से दूर-दूर तक कोई मतलब नहीं है, लेकिन ऐसे लोगों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा होगी.
-इन 28 करोड़ वोटरों में ऐसे लोग बड़ी संख्‍या में हैं, जो वोट देना तो चाहते हैं, लेकिन समय की कमी या पैसे की तंगी के चलते उस जगह पर चुनाव के दौरान नहीं पहुंच पाते हैं, जहां उनका वोट है. मतलब ये वे लोग हैं जो घर से दूर जाकर अस्‍थाई तौर पर रोजी-रोटी के लिए काम कर रहे हैं.
-जनगणना के हिसाब से भारत में करीब 45 करोड़ भारतीय प्रवासी हैं.
क्‍या किया जाना चाहिए 
-चुनाव आयोग को ऐसे मतदाताओं के लिए कुछ अलग व्‍यवस्‍था करनी चाहिए, जिससे कि वे जहां हैं, वहीं रहकर वोट डाल सकें. मसलन- कोई बिहार या उत्‍तर प्रदेश का कोई व्‍यक्ति अगर गुजरात में प्रवास कर रहा है तो उसे किसी प्रकार से गुजरात में ही वोट देने का अवसर प्राप्‍त कराया जाए.
-एनआरआई को वोट देने के लिए जिस प्रकार से प्रतिनिधि की व्‍यवस्‍था की गई है, कुछ इसी प्रकार से भारत के भीतर रहने वाले प्रवासियों के लिए भी कोई सिस्‍टम बनाया जाना चाहिए.