‘बेरोजगार’ हैं कन्हैया कुमार, न घर है, न गाड़ी, एक खाते में है सिर्फ 50 रुपये

कन्हैया कुमार ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बेगूसराय सीट से नामांकन पर्चा भरा है.

नई दिल्ली: 1972 में फिल्म आई थी ‘परिचय’ जिसके डायरेक्टर थे गुलज़ार. फिल्म का एक गाना बहुत लोकप्रिय हुआ था जिसके बोल थे, “मुसाफिर हूं यारों, न घर है न ठिकाना”. यही हालत बेगुसराय से सीपीआई(CPI) उम्मीदवार कन्हैया कुमार(Kanhaiya Kumar) की भी है. लोकसभा चुनाव 2019(Loksabha election 2019) के लिए कन्हैया ने बेगूसराय लोकसभा सीट से बतौर सीपीआई उम्मीदवार अपना पर्चा भरा जिसमें उन्होंने खुद को बेरोजगार बताया है. नामांकन पत्र में दी गई जारी के अनुसार कन्हैया की 2 साल तक कुल कमाई करीब साढ़े आठ लाख रुपये है.

चुनाव आयोग को दी गई जानकारी में कन्हैया ने बताया कि उनके पास खुद कोई जमीन नहीं है और न ही घर है. उन्हें विरासत में 1.5 डिसमिल की गैर कृषि योग्य भूमि मिली है. कन्हैया ने बताया कि उनके एक खाते में 50 रुपये और दूसरे में 63, 648 रुपये हैं. 2017-18 में हलफनामे में दी गई जानकारी में कन्हैया की कुल आय 6,30,360 रुपये थी जो 2018-19 में घटकर 2,28,290 रुपये हो गई है.

आय के सोर्स के बारे में बताते हुए कन्हैया ने कहा कि वह किताब लिखकर और भाषणों के जरिए पैसे कमाते हैं. आपराधिक मुकदमों की बात करें तो धारा 124 A के तहत नारेबाजी करने समेत 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं. नामांकन पर्चा दाखिल करने से पहले कन्हैया ने एक रोड शो किया था जिसमें काफी संख्या में लोग आए थे. उन्हें समर्थन देने के लिए जिग्नेश मेवानी, शेहला रशीद, गुरमेहर कौर और अभिनेत्री स्वरा भास्कर शामिल हुई थीं.