चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेस्डर होने के बावजूद राहुल द्रविड़ नहीं डाल पाएंगे वोट, जानिए वजह

कर्नाटक सरकार ने राहुल द्रविड़ को चुनाव आयोग का ब्रांड एंबेसडर बनाया है. आयोग राहुल द्रविड़ के जरिए लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरुक करना चाहता है. लेकिन वो खुद वोट नहीं डाल पाल रहे हैं.

बेंगलुरू: कर्नाटक चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ इस बार वोट नहीं डाल पाएंगे. 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक में 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. लेकिन खुद राहुल द्रविड़ ही इस बार अपना वोट नहीं डाल पाएंगे.

कर्नाटक सरकार ने राहुल द्रविड़ को चुनाव आयोग का ब्रांड एंबेसडर बनाया है. आयोग राहुल द्रविड़ के जरिए लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरुक करना चाहता है. कर्नाटक की सड़कों पर जगह-जगह राहुल के पोस्टर दिखते हैं.

पोस्टरों में राहुल द्रविड़ 
इन पोस्टरों के माध्यम से राहुल द्रविड़ लोगों से अपील करते हुए दिखते हैं. इन पोस्टरों में लिखा है ‘लोकतंत्र की जीत के लिए मतदान करें’, लेकिन इस साल चुनाव में राहुल अपने ही मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे. द्रविड़ और उनकी पत्नी विजेता अब इंदिरानगर से आरएमवी एक्सटेंशन के अश्वथनगर में शिफ्ट हो चुके हैं. शिफ्ट होने के बाद उन्होंने इंदिरानगर की वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाने का आवेदन किया था. उस लिस्ट से उनका नाम तो हट गया लेकिन नई जगह की वोस्ट लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए राहुल ने फॉर्म नहीं भरा.

फॉर्म 6 नहीं भरा
डोम्लूर सब डिवीजन के सहायक निर्वाचन रिटर्निंग अधिकारी बासावराजू मागी ने इस बात की पुष्टि की है कि द्रविड़ के भाई विजय ने राहुल और उनकी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए फॉर्म जमा किया था. मागी ने कहा, ‘नाम हटवाने के बाद राहुल द्रविड़ ने नाम दोबारा शामिल करवाने के लिए फॉर्म 6 नहीं भरा था. अगर उन्होंने फॉर्म 6 भरा होता तो उनका नाम वोटर लिस्ट में होता.’

राहुल द्रविड़ ने खुद किया संपर्क
माथीकेर सब-डिविजन की असिस्टेंट इलेक्ट्रॉल रिटर्निंग ऑफिसर रूपा के मुताबिक वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की स्पेशल ड्राइव के दैरान कुछ ऑफिसर राहुल द्रविड़ के घर भी गए थे लेकिन उन्हें घर में एंट्री नहीं मिली. हालांकि बाद में द्रविड़ ने चुनाव अधिकारी बासावराजू मागी से बात की और पूछा कि क्या उनका नाम इंदिरानगर वोटिंग लिस्ट में शामिल हो सकता है.

चुनाव आयोग कर सकता है कोशिश
मागी ने कहा, ‘द्रविड़ स्पेन में थे लेकिन वह किसी भी कीमत पर वोट डालना चाहते थे. दुर्भाग्यवश उनका नाम शांतिनगर की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था. मैंने उन्हें बताया कि अगर वह चाहते हैं कि उनका नाम शांतिनगर वोटिंग लिस्ट में हो तो उन्हें फॉर्म 6 जमा करना होगा और ऐसा 23 अप्रैल के बाद ही हो सकता है जब चुनाव आयोग इसकी अनुमति देगा.’

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