चंडीगढ़ में मतदान से पहले BJP उम्मीदवार किरण खेर का पैर हुआ स्लिप

किरण खेर के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह पार्टी के भीतर उपजे असंतोष को कितना दूर पाती हैं.
किरण खेर, चंडीगढ़ में मतदान से पहले BJP उम्मीदवार किरण खेर का पैर हुआ स्लिप

चंडीगढ़. सातवें व आखिरी चरण का मतदान करने जा रहीं चंडीगढ़ लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रत्याशी किरण खेर पैर फिसल जाने के कारण गिर पड़ीं. मौके पर उनके पति अनुपम खेर मौजूद थे. सातवें व आखिरी चरण के मतदान में पंजाब की सभी 13 सीटों के साथ चंडीगढ़ में भी मतदान हो रहा है.

मतदान के लिए पोलिंग बूथ पहुंच रहीं किरण खेर से चलते हुए पत्रकार बात कर रहे थे. तभी किरण खर का पैर माइक के तार में फंस गया और वह गिर पड़ीं. बता दें कि, किरण खेर चंडीगढ़ से मौजूदा सांसद हैं और भाजपा ने एक बार फिर उनपर दांव खेला है, वहीं कांग्रेस ने  चार बार इसी सीट से सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को टिकट दिया है. आम आदमी पार्टी ने यहां से हरमोहन धवन को टिकट दिया है. 2014 में धवन ने खेर का समर्थन किया था. ऐसे में इस बार माना जा रहा है कि वह बीजेपी के वोट काट सकते हैं.

किरण खेर ने मतदान के बाद ट्वीट करते हुए कहा कि, मेरा वोट राष्ट्र के विकास के नाम. आप भी वोट जरूर करें, अपका वोट बहुत कीमती है, व्यर्थ ना जाए.

2019 में आसान नहीं किरण खेर की राह

पवन कुमार बंसल को उनके कैडर का पूरा समर्थन हासिल है. वे अपने चुनाव प्रचार में लगातार स्‍थानीय मुद्दों को उठाते रहे हैं. चंडीगढ़ की गिनती देश के साफ-सुथरे शहरों में होती रही है. बंसल रैलियों में यह बताते रहे कि खेर की नजरअंदाजी के चलते स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2019 में चंडीगढ़ की रैंकिंग तीसरे पायदान से गिरकर 20वें स्‍थान पर पहुंच गई. बीजेपी इसको काउंटर भी नहीं कर पा रही क्‍योंकि नगर निगम पर भी उसी का कब्‍जा है. खेर को कांग्रेस इस बात पर भी घेरे हुए है कि वह ‘बाहरी’ हैं और चुने जाने के बाद उन्‍होंने अपना अधिकतर समय मुंबई में बिताया. जवाब में खेर कहती रही हैं कि वह चंडीगढ़ में ही पली-बढ़ी हैं.

किरण खेर, चंडीगढ़ में मतदान से पहले BJP उम्मीदवार किरण खेर का पैर हुआ स्लिप
किरण का सीधा मुकाबला कांग्रेस के पवन कुमार बंसल से है.

किरण खेर ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि वह चंडीगढ़ में वाहनों की संख्‍या करने के लिए मोनोरेल लाने का वादा किया है. इसके अलावा शहर को टूरिज्‍म और आईटी का हब बनाने का वादा भी किया गया है. दूसरी तरफ, बंसल ने चुनाव प्रचार के दौरान चंडीगढ़ को स्‍वच्‍छता रैकिंग में फिर से टॉप-3 में लाने का वादा किया है. वे कहते रहे हैं कि मोदी सरकार ने पांच साल में देश को धार्मिक आधार पर बांट दिया है.

2014 में कौन रहा था आगे?

2014 में अभिनेत्री किरण खेर ने कांग्रेस के कद्दावर नेता पवन बंसल को हराकर बीजेपी को यहां से जीत दिलाई थी. किरण खेर को 42.20 फीसदी मत शेयर के साथ 1,91,362 वोट मिले थे. पवन कुमार बंसल को 26.84 फीसदी मत शेयर के साथ 1,21,720 वोट हासिल हुए थे. तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार अभिनेत्री गुल पनाग रही थीं, जिन्हें 1,08,679 वोट मिले थे.

एक अहम पहलू यह है कि 2014 के मुकाबले मतदाताओं की संख्‍या कम हो गई है. चुनाव आयोग के अनुसार, 2014 में यहां कुल मतदाताओं की संख्या 8,57,343 थी, जो इस बार घटकर 6,19,249 रह गई है. पिछले चुनाव के मुकाबले 2 लाख 38 हजार मतदाता कम हो गए हैं.

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