जानिए ‘भूमिहार’ और ‘यादव’ बहुल नवादा लोकसभा सीट का चुनावी समीकरण

नवादा लोकसभा सीट के तहत आने वाली हिसुआ, वारसलीगंज विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है, जबकि रजौली और नवादा पर आरजेडी का कब्जा है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019(Lok sabha Election 2019) की पहली वोटिंग कल है. बिहार की नवादा(Nawada) सीट समेत 20 राज्यों की कुल 91 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में नितिन गडकरी, महेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री वी. के. सिंह, हरीश रावत और लोकदल अध्यक्ष अजित सिंह जैसे बड़े नेताओं का भविष्य ईवीएम में बंद हो जाएगा. इसी कड़ी में आज हम आपको भूमिहार बहुल नवादा सीट के समीकरम से परिचित कराएंगे.

पटना से लगभग 93 किमी. दूर नवादा(Nawada) का इतिहास मगध सम्राज्य से जुड़ा है. ऐसा माना जाता है कि अज्ञातवास के समय पांडव कुछ समय यहीं रुके थे. इस सीट पर हमेशा से ही बीजेपी(BJP) और आरजेडी(RJD) के बीच कांटे का मुकाबला रहता है. नवादा(Nawada) सीट इस बार भी चर्चा में है क्योंकि इस सीट से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह(Giriraj Singh) को बीजेपी(BJP) ने यहां से टिकट नहीं दिया है.

कौन-कौन हैं उम्मीदवार

2019 के चुनावों की बात करें तो इस सीट पर सीधी लड़ाई लोक जन शक्ति पार्टी(LJP) और राष्ट्रीय जनता दल(RJD) के बीच है. NDA समर्थित लोक जन शक्ति पार्टी(LJP) की तरफ से चंदन सिंह तो दूसरी तरफ आरजेडी की तरफ से राजबल्लभ प्रसाद की पत्नी विभा देवी मैदान में हैं. बता दें कि राजबल्लभ प्रसाद अभी जेल में हैं और चंदन कुमार बाहुबली सूरजभान सिंह के भाई हैं. ऐसे में ये सीधी लड़ाई सूरजभान सिंह और राजबल्लभ यादव के बीच मानी जा सकती है.

कैसा है जातीय समीकरण

नवादा(Nawada) को भूमिहार बहुल इलाका माना जाता है. लेकिन यादव और मुस्लिम वोटर भी यहां बहुतायत में हैं. दलित-महादलित, पिछड़ी व अति पिछड़ी जातियां भी चुनावी परिणाम पर असर डालेंगी. इस संसदीय सीट की एक खास बात यह भी है कि यहां किसी भी उम्मीदवार को जनता दुबारा मौका नहीं देती. इस सीट पर हुए 16 लोकसभा चुनावों में सिर्फ एक बार ही उम्मीदवार को दुबारा मौका दिया था. ये उम्मीदवार थे कांग्रेस के कुंवर राम जिन्हें 1980 और 1984 में दुबारा चुना गया था.

क्या रहा था 2014 का समीकरण

2014 के लोकसभा चुनावों में इस सीट से बीजेपी के गिरिराज सिंह चुनाव जीते थे जो इस बार बेगुसराय सीट से ताल ठोंक रहे हैं. 2014 में गिरिराज ने आरजेडी के राजवल्लभ यादव को हराया था. गिरिराज सिंह को 3,90,248 वोट मिले थे, वहीं राजबल्लभ यादव को 2,50,091 वोटों से संतोष करना पड़ा था. जेडी (यू) के कौशल यादव तीसरे स्थान पर रहे थे.

क्या है 2019 का समीकरण

जातीय समीकरण के आधार पर ही इस सीट का परिणाम तय होता आ रहा है. इस बार कुल 13 प्रत्याशी इस सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. नवादा लोकसभा सीट के तहत आने वाली हिसुआ, वारसलीगंज विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है, जबकि रजौली और नवादा पर आरजेडी और गोविंदपुर और बरबीघा विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है. ऐसे में भूमिहार और यादव वोट किसके पाले में जाएंगे और किसके वोट बंटेंगे यह देखना दिलचस्प रहेगा. कुल वोटर्स की बात करें तो इस संसदीय क्षेत्र में कुल वोटर्स की संख्या 1,397,512 है. जिनमें से 652,177 महिला मतदाता और 745,335 पुरुष मतदाता हैं.

पहले चरण में इन राज्यों में होगा मतदान

उत्तर प्रदेश (8 सीटें), बिहार (4 सीटें), आंध्र प्रदेश (25 सीटें), तेलंगाना (17 सीटें), अरुणाचल (2 सीटें), असम (5 सीटें), छत्तीसगढ़ (1 सीट), जम्मू-कश्मीर (2 सीटें), महाराष्ट्र (1 सीट), मेघालय (1 सीट), मिजोरम (1 सीट), ओडिशा (4 सीटें), सिक्किम (1 सीट), त्रिपुरा (1 सीट), उत्तराखंड (5 सीटें), पश्चिम बंगाल (2 सीटें), अंडमान निकोबार (1 सीट) और लक्षद्वीप (1 सीट).

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