‘बताओ मेरी बहना मेरे ऊपर लगाए गए हर इल्जाम गलत हैं’, जया प्रदा से बोले आजम

आजम खान ने कहा की मुगलों की हुकूमत में जो इमारतें बनाई गई थी चाहे वह ताजमहल हो या फिर लाल क़िला या अन्य कोई इमारत. अगर उसकी जगह यूनिवर्सिटी बनाई जाती तो कम से कम 15 यूनिवर्सिटी बनती.

लखनऊ: आजम खान ने सोमवार को अपने जलसे में कहा मुझे लगता है शायद इन दो चरणों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की एक भी सीट नहीं आ रही है. आज जो हिंदुस्तान की आबादी है यह आबादी और बढ़ेगी. हिंदुस्तान जम्हूरियत का सबसे बड़ा मुल्क है. आज पूरी दुनिया की नज़र हम पर है. वह बहुत फिक्रमंद है वह देख रहे हैं कि दुनिया में डेमोक्रेसी कहीं फेल तो नहीं हो रही है क्योंकि आज के हिंदुस्तान में फिर से कोई ग़लत फैसला लिया तो इसके असरात पूरी दुनिया पर पड़ेंगे.

दुनिया के लोगों का भरोसा डेमोक्रेसी से ख़त्म ना हो जाए और इंसान की हुकूमत में हिस्सेदारी खत्म ना हो जाए. इसकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी हिंदुस्तान के रहने वाले लोगों पर है.

आज़म ख़ान ने मीडिया पर भी तंज कसा और कहा इनकी बहुत सी ज़रूरत है जो हम पूरी नहीं कर सकते. इसलिए यह हमारे ख़िलाफ़ रहते हैं.

आजम खान ने आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा उनके हेड क्वार्टर में मुझे ख़तरनाक हिंदुस्तानी के नाम से जाना जाता है और मुझे अपना बहुत बड़ा दुश्मन मानते हैं जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है.

आज़म ख़ान ने कहा की मुगलों की हुकूमत में जो इमारतें बनाई गई थी चाहे वह ताजमहल हो या फिर लाल क़िला या अन्य कोई इमारत. अगर उसकी जगह यूनिवर्सिटी बनाई जाती तो कम से कम 15 यूनिवर्सिटी बनती और आज हिंदुस्तान एजुकेशन हब होता और अमेरिका को भी पीछे छोड़ देता.

आजम ने कहा मैंने अपनी औलाद के हक को काटा है. आजम ख़ान अपनी शादी का क़िस्सा भी सुनाया और कहा मजदूरों के लिए मैंने बहुत कुर्बानी दी है अगर मैं चाहता तो ऐशो-आराम की जिंदगी काट सकता था. आजम ने कहा हमारा नाम मुल्क के गद्दारों में लिखा जाता है.

आजम खान ने जयाप्रदा की टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा बताओ मेरी बहना मेरे ऊपर लगाए गए हर इल्जाम गलत है.

आजम खान ने दिया था जया प्रदा पर आपत्तिजनक बयान 

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने एक चुनावी जनसभा में जया प्रदा का बिना नाम लिए आपत्तिजनक बयान दिया था. खान और जया प्रदा उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी हैं. खान ने जया प्रदा का नाम लिए बगैर उनकी तरफ संकेत करते हुए कहा कि उन्हें ’17 दिन के अंदर इस बात का अहसास हो गया कि नीचे अंडरवियर का रंग खाकी है.’

अधिकारियों को फिर इशारों में समझाया

आजम खान ने अपने अंदाज में अधिकारियों से कहा पता नहीं इन लोगों ने क्या सोच रखा है कि वक्त बदलेगा नहीं? इंसाफ का जमाना आएगा या नहीं इंसाफ का दिन आएगा या नहीं.

इससे पहले आजम खान ने एक रैली के दौरान जनता से कहा था, ‘और सब डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो, ये तन्ख्वैया है, तन्खवैयों से नहीं डरते, और देखे हैं कहीं मायावती जी के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं, उन्हीं से है गठबंधन, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह ने अगर चाहा.’