Exclusive Video: कैराना में भीड़ ने बोला बूथ पर धावा, फर्जी वोटिंग रोकने को BSF ने की फायरिंग

कैराना के रसूलपुर गुजरान के पोलिंग स्टेशन में भीड़ ने धावा बोल दिया था और फ़र्ज़ी वोटिंग कराने की कोशिश की जा रही थी. इसे रोकने के लिए BSF ने फायरिंग की.

कैराना के रसूलपुर में फायरिंग की बात सामने आई है. जानकारी मिली है कि बीएसएफ ने पोलिंग स्टेशन में फ़र्ज़ी वोटिंग रोकने के लिए फायरिंग की. कैराना के रसूलपुर गुजरान के पोलिंग स्टेशन में भीड़ ने धावा बोल दिया था और फ़र्ज़ी वोटिंग कराने की कोशिश की जा रही थी. जिसके बाद बीएसएफ ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की. फ़िलहाल मतदान रोक दिया गया है.

सपा की तरफ से वर्तमान सांसद तबस्सुम बेग़म एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं जबकि कांग्रेस ने हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी बनाया है. वहीं बीजेपी ने पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह की जगह प्रदीप चौधरी को टिकट दिया है.

माना जा रहा है कि कैराना सीट पर मुक़ाबला त्रिकोणीय है.

इस इलाक़े में कुल 16.48 लाख वोटर हैं जिनमें सबसे ज्यादा 5.50 लाख मुस्लिम हैं. ऐसे में सपा प्रत्याशी तबस्सुम हसन के लिए रास्ता आसान दिखाई दे रहा है. हालांकि बीजेपी को उम्मीद है कि तमाम गैर मुस्लिम लोग उन्हें वोट करेंगे. वहीं हरेंद्र मलिक का कैराना सीट पर व्यक्तिगत प्रभाव है इसलिए संभव है कि वो जाट और मुस्लिम वोटों में सेंध लगाएंगे.

मौजूदा सांसद तबस्सुम हसन 2009 से अब तक तीन अलग-अलग दलों के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं. तबस्सुम ने 2009 लोकसभा चुनाव बीएसपी टिकट पर लड़ा था और बीजेपी के हुकुम सिंह को हराया था.

हालांकि 2014 में तबस्सुम की जगह बेटे नाहिद हसन को सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़वाया गया था और उस दौरान बीजेपी के हुकुम सिंह से हारे थे.

वहीं 2018 में जब हुकुम सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुआ तो आरएलडी ने तबस्सुम को टिकट दिया और वे जीत गईं. तबस्सुम एक बार फिर से सपा की सीट पर चुनावी मैदान में हैं.