नोएडा के सेक्टर 15ए बूथ पर बांटे जा रहे हैं नमो फूड पैकेट्स, EC ने कही ये बात…

हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि जिस दुकान से यह फूड पैकेट आया है उसका नाम ही नमो फूड्स है इसलिए इस आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना जाएगा.

नई दिल्ली: नोएडा के सेक्टर 15ए बूथ पर वोटिंग के दौरान बीजेपी प्रत्याशी द्वारा फूड पैकेट्स बंटवाने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं इस फूड पैकेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में नमो लिखा है. जानाकारी के मुताबिक यह नाश्ता नोएडा के सेक्टर 15ए के बाहर तैनात पुलिस के लिए लाया गया था लेकिन मीडिया को देखकर खाना लेकर गाड़ी आगे निकल गई.

हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि जिस दुकान से यह फूड पैकेट आया है उसका नाम ही नमो फूड्स है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या इसे अचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा या नहीं?

इससे पहले बुधवार को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव होने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक रिलीज करने पर पाबंदी लगा दी और नमो टीवी के प्रसारण पर भी रोक लगाने के आदेश दिए.

आयोग ने कहा कि कोई भी सामग्री जो चुनाव में सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल नहीं खाती हो, उसका प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए.

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, “बायोग्राफी या हेगियोग्राफी की प्रकृति का कोई भी बायोपिक जिससे कोई भी राजनीतिक संस्थान या कोई व्यक्तिगत रूप से जुड़ा हो या जो सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल न खाता हो, उसका आदर्श आचार संहित के दौरान सिनेमोटोग्राफी सहित इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर प्रसारण नहीं होना चाहिए.”

आयोग ने इसके साथ ही कहा कि ऐसे किसी भी पोस्टर या संबंधित प्रचार सामग्री जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुनावी उद्देश्यों को आगे बढ़ाता है, उसका आदर्श आचार संहिता वाले क्षेत्रों में इलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रसारण नहीं होना चाहिए.

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पाबंदी नमो टीवी पर भी लागू होगी जोकि मोदी की रैलियों और भाषणों के लिए समर्पित चैनल है.

आदेश के अनुसार, अगर इसका उल्लंघन किया जाता है तो आयोग द्वारा गठित समिति इसकी जांच करेगी और उचित कार्रवाई करने के लिए सलाह देगी. समिति में सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश होंगे.

चुनाव आयोग ने कहा कि उन्होंने कुछ फिल्मों ‘एनटीआर लक्ष्मी’, ‘पीएम नरेंद्र मोदी’, ‘उदयामा सिंहम’ के बारे में शिकायत मिली है, जिसके बारे में कहा गया है कि यह रचनात्मकता की आड़ में एक उम्मीदवार की चुनावी संभावना को बढ़ाने या कम करने का दावा करता है.