सोनिया-प्रियंका-वाड्रा की मौजूदगी में राहुल गांधी ने अमेठी से भरा नामांकन, रोड शो में उमड़ी भीड़

2014 में राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था, हालांकि इस बार फिर से राहुल गांधी के सामने स्मृति ईरानी ही हैं.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में केरल की वायनाड सीट से पर्चा भरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को अमेठी से नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उनकी मां व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) अध्यक्ष सोनिया गांधी, बहन व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जीजा राबर्ट वाड्रा, भांजा रेहान और भांजी मिराया भी मौजूद थे.

नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘कोर्ट ने मान लिया है और राफेल मामले मामले में सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. मोदी जी मैं कहना चाहता हूं कि आप मेरे साथ बहस कीजिए. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चौकीदार ने चोरी की है.’

इससे पहले राहुल गांधी नामांकन के लिए रोड शो करते हुए मुंशीगंज-दरपीपुर के रास्ते गौरीगंज नगर गए. कांग्रेस कार्यकर्ता ने इस रोड शो को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की थी.

इस रोड शो में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. मुंशीगंज से शुरू हुये रोड शो में सड़क किनारे कांग्रेस समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी. कार्यकर्ताओं के हाथों में कांग्रेस का झंडा था.

महिलाएं घर से छज्जों से फूलों की बारिश कर रही थी. भारी गर्मी में भी कार्यकर्ताओं का लंबा जुलूस गांधी के काफिले के साथ चल रहा था.

कांग्रेस के गढ़ में गांधी का मुकाबला बीजेपी की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है. राहुल ने केरल के वायनाड से भी नामांकन भरा है. राहुल लगभग तीन घंटे तक रोड शो करने के बाद लगभग 1 बजे नामांकन भरा.

गौरतलब है कि राहुल गांधी अमेठी से लगातार तीन बार सांसद चुने गए हैं. 2004 में उन्होंने पहली बार यहां से जीत हासिल की थी. फिर 2009 में और 2014 में भी वह इस सीट से विजयी रहे थे. पिछली बार उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की स्मृति ईरानी को चुनाव में हराया था.

इस लोकसभा चुनाव में भी उनके सामने स्मृति ईरानी हैं.

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अमेठी से पुराना है गांधी परिवार का इतिहास

अमेठी में क़रीब तीन दशक से गांधी परिवार की बादशाहत कायम है. इस संसदीय सीट पर पहली बार 1980 में संजय गांधी ने जीत हासिल की. तब से लेकर अब तक यह सिलसिला जारी है.

संजय गांधी के बाद राजीव गांधी, सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी इस सीट से हर बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचते रहे हैं.

जब यहां से गांधी परिवार का कोई व्यक्ति नहीं लड़ा तो उनके क़रीबी कैप्टन सतीश शर्मा ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया.

हालांकि 1998 में एक बार कांग्रेस पार्टी को अमेठी में हार का सामना करना पड़ा था जब बीजेपी उम्मीदवार संजय सिंह लोकसभा क्षेत्र से बतौर सांसद चुनकर आए.

हलांकि तब के बीजेपी सांसद संजय सिंह आज कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता हैं और असम कोटे से राज्यसभा सांसद है.

मुस्लिम वोटर्स की तादाद

अमेठी में मुस्लिम समुदाय की आबादी 91.5 प्रतिशत, क्रिस्चन की आबादी 0.1 प्रतिशत, सिख की आबादी 0.03 प्रतिशत और हिंदुओं की आबादी 91.15% है.

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जातीय समीकरण

अमेठी में ओबीसी समुदाय की आबादी करीब 22 फीसदी है जबकि अनुसूचित जाति 15 फीसदी, ब्राह्मण 12 फीसदी, क्षत्रिय 11 फीसदी और अन्य 20 फीसदी हैं.