प्रज्ञा ठाकुर से जीतने के लिए दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा और RAM का सहारा

भोपाल में दिग्विजय सिंह को टक्कर देने के लिए बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को टिकट दिया. उनकी कट्टर हिंदुत्व की छवि को कमजोर करने के लिए दिग्विजय सिंह को आइडिया चाहिए था. वो कंप्यूटर बाबा में मिल गया.

बीजेपी ने भोपाल से एक साध्वी उतारी तो कांग्रेस की तरफ से साधुओं की पूरी मंडली कूद पड़ी. अब ये सारे साधु मिलकर एक साध्वी को हराना चाहते हैं. इससे पहले कि आपके अंदर का फेमिनिस्ट जाग जाए और आप इसे एक महिला पर अत्याचार कंसीडर कर लें, पूरा मामला समझ लीजिए. प्रज्ञा ठाकुर से दिग्विजय सिंह को जितवाने के लिए कंप्यूटर बाबा की अगुवाई में साधुओं ने हठयोग शुरू कर दिया है.

Digvijaya, प्रज्ञा ठाकुर से जीतने के लिए दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा और RAM का सहारा

बीजेपी भोपाल में प्रज्ञा को हिंदुत्व ब्रांड और दिग्विजय को हिंदुत्व का दुश्मन बनाकर प्रचारित कर रही है. दिग्विजय सिंह के सामने जब बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को उतारा तो 4 दिन तक दिग्विजय सिंह का बोल नहीं फूटा. ऐसा लगा कि वो हाजमोला खाने गए हैं जो विपक्ष की ये खुराक पचा सके. जब बोले तो कहा कि वो अपने विरुद्ध प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत करते हैं. जब चुनाव आयोग ने प्रज्ञा ठाकुर पर 72 घंटे का बैन लगाया तो दिग्विजय सिंह ने कहा- ये गलत है, उन्हें बोलने देना चाहिए. इससे हमारा ही फायदा है.

Digvijaya, प्रज्ञा ठाकुर से जीतने के लिए दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा और RAM का सहारा

अब दिग्विजय सिंह ने मुकाबले को कंप्यूटराइज्ड कर दिया है. वो अपनी पत्नी अमृता सिंह के साथ भोपाल पहुंचे जहां पहले से सैकड़ों साधु जुटे हुए थे. कंप्यूटर बाबा इनके टीम लीडर थे. दिग्विजय सिंह ने वहां अपनी पत्नी के साथ हवन किया. एक एरिया में धूनी स्थल बनाया गया जहां पर सारे साधु धूनी रमाने बैठ गए. कंप्यूटर बाबा का कहना है कि वो लोग हठयोग कर रहे हैं क्योंकि ये धर्म युद्ध है. बीजेपी पांच साल में राम मंदिर नहीं बना पाई. अब मंदिर नहीं तो मोदी नहीं.

Digvijaya, प्रज्ञा ठाकुर से जीतने के लिए दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा और RAM का सहारा

ये कंप्यूटर बाबा वही हैं जो मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के रहते हुए राज्य मंत्री का दर्जा पा गए थे. उनका प्रोसेसर उस सरकार में सपोर्ट नहीं किया तो निकल गए. अब दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व का मुकाबला हिंदुत्व से करने के लिए कंप्यूटर बाबा में अपनी फाइल अपलोड कर दी है. ये देखना है कि कंप्यूटर बाबा और उनकी मंडली मिलकर कितने वोट इम्पोर्ट कर पाती है.

Digvijaya, प्रज्ञा ठाकुर से जीतने के लिए दिग्विजय सिंह को कंप्यूटर बाबा और RAM का सहारा

ये पर्याप्त नहीं है. 12 मई को भोपाल में वोटिंग है. उससे पहले 8 मई को दिग्विजय सिंह के समर्थन में एक भव्य रोड शो किया जाएगा. इसके लिए 7 हजार साधुओं को बुलाने का जिम्मा कंप्यूटर बाबा पर ही है. ये सब कंप्यूटर बाबा के लिए बहुत मुश्किल काम नहीं है. उनके पास भी तो RAM है.

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