‘करकरे को मिली उसके कर्मों की सजा’, 26/11 में शहीद हुए अफसर को लेकर प्रज्ञा का विवादित बयान

भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह पर भी उन्होंने जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के अंदर नैतिकता नहीं है इसलिए वो अपना नामांकन वापस नहीं लेगें.

भोपाल: मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर शुक्रवार को भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रत्याशी प्रज्ञा ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि करकरे को अपने कर्मों की सजा मिली है.

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैंने उसे श्राप दिया था कि तू इसका परिणाम झेलेगा. सर्वनाश हो जाएगा, तेरा अंत हो जाएगा, और अंत में उसके साथ वही हुआ. प्रज्ञा ने कहा कि मालेगांव केस में पूछताछ के दौरान मुझे इतनी गंदी गालियां दी गयी थी, जो कि मेरे लिए असहनीय थीं. हेमंत करकरे को लेकर मैंने जो भी कहा वो गलत नहीं कहा है. मुझे क्लीनचिट मिल गई है तो इसलिए अब कुछ लोग मुझसे डरे हुए हैं.

प्रज्ञा ने कहा कि कोई भी देशभक्तों की आवाज को बाहर लेकर नहीं जा पाए इसलिए भगवा आतंकवाद का नाम दिया गया. मेरे जवाब मैं नहीं भगवान खुद देंगे. कानून की प्रक्रिया है, अगर कोई अपनी बात रखना चाहता है तो कोर्ट में रख सकता है. भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह पर भी उन्होंने जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के अंदर नैतिकता नहीं है इसलिए वो अपना नामांकन वापस नहीं लेगें.

प्रज्ञा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा, “कांग्रेस ने मुझे 20 वर्ष पीछे किया है. मुझे 9 साल जेल में रखने के कारण मैं 20 साल पीछे चली गई हूं. उन्होंने विश्वास जताया कि मैं इस धर्म युद्ध को जीतूगीं. जो लोग घबराते हैं उन्हें घबराना चाहिए. मैं राष्ट्रकार्य करने निकली हूँ. धर्म कार्य करने निकली हूँ, इसे फतह करके ही दम लूंगी.”

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