ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा का ताज़ा बयान 1984 के सिख दंगों को लेकर था. इस बयान के बहाने कांग्रेस के बाकी नेताओं के बयान भी जान लेते हैं जिन्होंने चुनाव में कांग्रेस का नुकसान कराया.

लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, कांग्रेस के कुछ नेता भस्मासुर का काम कर जाते हैं. वो कोई न कोई ऐसा बयान दे देते हैं, जिस पर पार्टी को कहना पड़ता है “ये उनका व्यक्तिगत बयान है. पार्टी का इससे कुछ लेना देना नहीं.” अभी एक बुजुर्ग नेता का बयान वायरल हो रहा है. इनके नाम के साथ कांग्रेस के उन बड़े नेताओं के नाम जानते हैं जिन्होंने पिछले कुछ समय में बीजेपी को आलोचना का मौका दिया.

सैम पित्रोदा

कांग्रेस के बुजुर्ग नेता सैम पित्रोदा इतने बुजुर्ग हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ भी रहे. राजीव गांधी के साथ एक दशक तक रहे. अब राहुल गांधी को पीएम बनाने की तमन्ना में उनके साथ हैं. इनका ताजा बयान कांग्रेस के लिए सिरदर्द बना हुआ है. राहुल गांधी ने तो उनसे माफी मांगने को कह दिया है. दरअसल सैम पित्रोदा ने मीडिया से बात करते हुए 1984 के सिख दंगों का जिक्र आने पर कह दिया था ’84 में जो हुआ सो हुआ, आपने क्या किया ये बताओ.’

Sam Pitroda, ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

सैम पित्रोदा की इस बात से बीजेपी को मौका मिल गया. नरेंद्र मोदी से लेकर अमित शाह तक सभी ने इसका मंचों से प्रचार किया कि कांग्रेस का यही चरित्र है. विवाद बढ़ा तो सैम पित्रोदा ने कहा कि उनकी हिंदी सही नहीं है. उनके कहने का मतलब था ‘जो हुआ वो बुरा हुआ.’ सफाई तो दे दी लेकिन नुकसान तो हो ही गया. दिल्ली में वोटिंग से ठीक पहले ये मुद्दा उछल गया. 1984 में सबसे ज्यादा जन और धन हानि दिल्ली में आकर बसे सिखों की हुई थी. इस बयान ने जख्मों पर नमक छिड़क दिया.

नवजोत सिद्धू

Sam Pitroda, ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

इनके बारे में तो कांग्रेस के लोग ही कहते हैं कि इन्हें बीजेपी ने प्लांट किया है. एक के बाद एक इतने विवादित बयान दिए हैं कि कांग्रेस सबकी सफाई नहीं दे पाई. वो एक बयान की सफाई देकर फ्री होती है, दूसरा बयान आ जाता है. पुलवामा हमले के तुरंत बाद जो बयान दिया उस पर विवाद हो गया. उनका ताज़ा बयान ये है कि ‘मोदी वो औरत हैं जो रोटियां कम बेलती है चूड़ियां ज्यादा खनकाती है.’ इस पर किसी भी वक्त विवाद शुरू हो सकता है.

शत्रुघ्न सिन्हा

Sam Pitroda, ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

शत्रुघ्न सिन्हा अपने बयानों से लेकर कामों तक में कांग्रेस को आहत करते रहते हैं. लखनऊ की सीट पर अपनी पार्टी के विरुद्ध अपनी पत्नी के लिए प्रचार करने गए. कांग्रेस से वहां आचार्य प्रमोद कृष्णम उम्मीदवार हैं. उनका सपोर्ट न करके महागठबंधन की प्रत्याशी और अपनी पत्नी पूनम सिन्हा का प्रचार किया. कुछ ही दिन पहले उनकी जबान फिसल गई थी और कह दिया था कि कांग्रेस जिन्ना की पार्टी है. इसके बाद विवाद शुरू हुआ तो कहा कि गलती से निकल गया था.

संजय निरुपम

Sam Pitroda, ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

संजय निरुपम भी अक्सर विवादित बयान देते रहे हैं. उनका ताज़ा बयान जम्मू कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक को लेकर आया है. संजय निरुपम ने कहा कि ‘हमारे देश के जितने राज्यपाल होते हैं, वे सरकार के चमचे होते हैं. सत्यपाल मलिक भी चमचा ही है. राजीव गांधी को बोफोर्स केस में कोर्ट ने क्लीन चिट दी थी. अरुण जेटली भी उन लोगों में से थे, जिन्होंने उन्हें क्लीन चिट दी थी.’ सारे गवर्नर्स को चमचा कहकर संजय निरुपम ने विवाद को हवा दे दी है. कुछ ही दिन पहले इन्होंने मोदी को औरंगजेब भी बताया था.

मणिशंकर अय्यर

Sam Pitroda, ये नेता हैं कांग्रेस के ‘भस्मासुर,’ अपने बयानों से कराते हैं पार्टी को नुकसान!

ये विवादित बयानों के पितामह कहे जाते हैं. 2014 के चुनाव पर इनके बयान का सबसे बड़ा असर रहा. नरेंद्र मोदी को ‘चाय वाला’ कह दिया था. मोदी ने उस उपाधि को इतनी गंभीरता से लिया कि अगले चुनाव तक के लिए चौकीदार बन गए. इस बार चौकीदार के नाम से जाने जा रहे हैं. मणिशंकर अय्यर ने 2017 में हुए गुजरात विधानसभा के दौरान मोदी को ‘नीच’ कह दिया था. इस बयान के बाद मणिशंकर अय्यर की पहचान भस्मासुर के रूप में बन गई.