शिवपाल के सवाल पर क्यों भड़क गए मुलायम, जानिए क्या कहा भाई के बारे में ?

19 अप्रैल को मैनपुरी में 25 साल बाद एक साथ मंच साझा करेंगे मायावती और मुलायम.
Mualayam Singh Yadav, शिवपाल के सवाल पर क्यों भड़क गए मुलायम, जानिए क्या कहा भाई के बारे में ?

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी(Samajwadi Party) के नेता मुलायम सिंह यादव(Mualayam Singh Yadav) हमेशा अपनी बेबाक जुबान के लिए चर्चा में रहते हैं. नेताजी ने इस बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं भाई शिवपाल(Shivpal) के सवाल पर जवाब देकर. मुलायम सिंह से जब पूछा गया कि क्या शिवपाल सिंह(Shivpal Singh) आपके लिए वोट मांग रहे हैं तो इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि, शिवपाल के बारे में क्या पूछते हो? भाई के बारे में क्या पूछते हो? क्या मतलब है तुम्हारा?

इसके बाद नेताजी ने वहां मौजूद पत्रकारों को अपना स्तर सुधारने की नसीहत दे डाली और कहा कि अच्छे पत्रकार बनो. आपको बता दें 19 अप्रैल को मैनपुरी में होने वाली रैली में 25 साल बाद मायावती और मुलायम सिंह यादव एक साथ एक मंच पर दिखेंगे. पच्चीस साल बाद ऐसा पहली बार होगा जब मायावती(Mayawati) और मुलायम सिंह यादव(Mualayam Singh Yadav) एक मंच पर साथ दिखाई देंगे.

सपा-बसपा RLD की रैलियों का चौथा पड़ाव मैनपुरी(Mainpuri) के लोगों के लिए बहुत ही खास होगा, यहां से मायावती, मुलायम सिंह के लिए वोट अपील करेंगी. इस मौके पर अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव और अजीत सिंह(Ajit Singh) एक मंच पर होंगे.

बता दें कि अरसे पहले यूपी में सपा-बसपा (कांशीराम और मुलायम) के बीच अच्छी खासी दोस्ती थी, लेकिन गेस्ट हाउस कांड के बाद से दोनों पार्टियों में फूट पड़ गई थी. 2 जून 1995 को सपा बसपा के रास्ते एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हो गए और दोनों पार्टियों में कोल्ड वार शुरू हो गया. बावजूद इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई वहीं 2012 के चुनाव में सपा भारी मतों के साथ जीत हासिल की.

मैनपुरी सीट की बात करें तो यहां पर मुलायम सिंह की पकड़ काफी मजबूत है. लंबे समय से वो इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और जीतते भी आए हैं. हो सकता है कि मुलायम सिंह इस सीट से दोबारा जीत जाते लेकिन मायावती का समर्थन मिलने के बाद जीत की उम्मीद दोगुनी हो चुकी है.

मैनपुरी की खास बात ये है कि भाजपा को इस सीट से कभी भी जीत का ताज नहीं मिला है, जबकि कांग्रेस 4 बार चुनाव जीत चुकी है. मुलायम सिंह यादव भी इस सीट से 1996, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों में फतह कर चुके हैं.

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