मायावती ने खेला मुस्लिम कार्ड, बोलीं- कांग्रेस प्रत्याशी इमरान को न दें वोट

भीम आर्मी के समर्थक भी इस रैली में महागठबंधन को समर्थन देने पहुंच गए हैं. बता दें की चंद्रशेखर आज़ाद इसके संस्थापक हैं और वो भी दलित समाज की बात उठाने का दावा करते हैं. हालांकि मायावती ने सार्वजनिक मंच पर अपने समर्थकों से भीम आर्मी संस्थापक से दूर रहने को कहा है.

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार को सहारनपुर के देवबंद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा. मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में जुमलेबाजी नहीं चलेगी और चौकीदारी की नाटकबाजी काम नहीं आएगी.

उन्होंने आगे कहा, ‘चुनाव में किए गए वादे का एक चौथाई काम भी केंद्र की बीजेपी सरकार ने नहीं किया है.’

इस दौरान बीएसपी सुप्रीमो ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. कहा कि कांग्रेस अपनी गलत नीतियों की वजह से हारी. मायावती ने कहा, ‘मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों से ख़ासकर अपील करना चाहती हूं कि कांग्रेस यूपी में कहीं भी बीजेपी को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है. सिर्फ गठबंधन ही बीजेपी का मुक़ाबला कर सकती है. कांग्रेस भी यह बात जानती है लेकिन वो इस मंत्र के साथ आगे बढ़ कही है कि ‘हम जीतें या नहीं जीतें, गठबंधन नहीं जीतना चाहिए.’

उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को वोट नहीं देने की अपील करते हुए कहा, ‘इसलिए कांग्रेस ने जानबूझकर वैसे कैंडिडेट को उतारा जो बीजेपी को फ़ायदा पहुंचाए. इसलिए मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों को आगाह करना चाहती हूं.’

बीजेपी को लेकर उन्होंने कहा कि इनकी हालत भी कांग्रेस जैसी होगी. इस बार सत्ता से बाहर होंगे. इस बार चौकीदारी का नाटक भी नहीं बचा पाएगा.  चाहे कितनी भी ताकत न लगा लें.

वहीं बीजेपी पर सेना के नाम पर राजनीति करने और झूठा दिखावा करने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले वाले दिन भी बीजेपी ने अपना अभियान जारी रखा है.

बता दें कि एसपी और बीएसपी के मुखिया करीब 25 साल बाद  एक साथ चुनावी मंच शेयर कर रहे हैं.

रैली की मुख्य बातें

-बीजेपी ने कहा हम भ्रष्टाचार मिटा देंगे, कालाधन वापस आ जाएगा, लेकिन हमारा सारा पैसा बैंक में जमा करा लिया. जीएसटी से बड़े कारोबारियों को फायदा हुआ होगा, लेकिन छोटे किसानों की परेशानी बढ़ गई- अखिलेश

–  मैं जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि यही गरीब, किसान, अल्पसंख्यक, पिछड़े, दलित एक-एक चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे. यह भविष्य का भी चुनाव है- अखिलेश

–  पहले हमारे बीच चाय वाला बनकर आ गए, हमने उनपर भरोसा कर लिया, हमने अच्छे दिन का भरोसा किया, हमने 15 लाख रुपये, करोड़ों रोजगार का भरोसा किया. अब चुनाव आया तो कह रहे हैं कि हम चौकीदार बनकर आए हैं- अखिलेश

–  गठबंधन ही बीजेपी को टक्कर दे सकता है और इस बात का अहसास कांग्रेस को भी है- मायावती

–  यदि हमें केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हम सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र में स्थायी रोजगार देने की व्यवस्था करेंगे- मायावती

–  अगर हमें केंद्र सरकार बनाने का मौका मिला तो सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे ताकि किसानों का बकाया नहीं रखा जाएगा- मायावती

– मेरी सरकार के वक्त में पूरे यूपी में किसानों का खासकर गन्ना किसानों का बकाया पूरा किया था- मायावती

–  कांग्रेस अपनी नीतियों के कारण सत्ता से बाहर गई और बीजेपी की नफरत की नीति है, इस बार बीजेपी सत्ता से बाहर होगी- मायावती

बीएसपी, एसपी और आरएलडी महागठबंधन की लोकसभा चुनाव के लिये पहली संयुक्त रैली की शुरुआत रविवार को सहारनपुर के देवबंद से हो रही है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मंच पर मौजूद हैं.

इसी बीच भीम आर्मी के समर्थक भी इस रैली में महागठबंधन को समर्थन देने पहुंच गए हैं. बता दें की चंद्रशेखर आज़ाद इसके संस्थापक हैं और वो भी दलित समाज की बात उठाने का दावा करते हैं. हालांकि मायावती ने सार्वजनिक मंच पर अपने समर्थकों से भीम आर्मी संस्थापक से दूर रहने को कहा है.

इसके बावजूद उनके सनमर्थक इस रैली में पहुंचकर महागठबंधन को समर्थन देने की बात कर रहे हैं.

देवबन्द की यह रैली जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास आयोजित की गई है.

इस रैली को बीएसपी सुप्रीमो मायावती संबोधित करेंगी. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि देवबंद की रैली में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे. यह पहली बार होगा कि महागठबंधन की तीनों पार्टियों के प्रमुख नेता एक ही मंच पर होंगे.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों पर हो रहे आमचुनाव में बीएसपी- समाजवादी पार्टी और आरएलडी पहली बार महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ रही हैं.