कांग्रेस-CPM पर वोट न करें बर्बाद, ममता के इस बयान से गहराई महागठबंधन की दरार!

ममता बनर्जी ने कहा कि मैं पहले कांग्रेस में ही थी. वहां से परेशान होकर मैंने पार्टी छोड़ दी. इसके बाद मैंने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया जिससे राज्य में विकास संभव हो पाया.

सिलिगुड़ी: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान से महागठबंधन में दरार गहराती नजर आ रही है. सीएम ममता ने सिलिगुड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए जनता से अपील की कि वो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) और कांग्रेस को वोट न दें.

ममता ने कहा, “मैं जनता से अपील करती हूं कि वो लोकसभा चुनाव में CPM को वोट न दें. साथ ही जनता कांग्रेस को भी अपना वोट देकर उसे बर्बाद न करे.”

उन्होंने कहा कि मैं पहले कांग्रेस में ही थी. वहां से परेशान होकर मैंने पार्टी छोड़ दी और तृणमूल पार्टी का गठन किया. इसके बाद राज्य में विकास कार्य हुए जिसे आप खुद देख रहे हैं.

‘कांग्रेस RSS से ले रही मदद’
ममता ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से सहयोग लेने का  भीआरोप लगाया. उन्होंने कहा, ” कांग्रेस पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में मुकाबला करने के लिए आरएसएस से मदद ले रही है.” 

लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावी समर में ममता के इस बयान के गहरे मायने हैं. इस बयान को महागठबंधन में चुनाव से पहले ही फूट के तौर पर देखा जा रहा है. इस फूट की आशंका काफी पहले से ही जताई जा रही है.

राहुल गांधी का जवाब
दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ममता के इन आरोपों का जवाब दिया. राहुल ने कहा, “ये कांग्रेस ही थी जिसने राफेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया. साथ ही कांग्रेस ने ही ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया.”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी और कहीं भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई समझौता नहीं किया है. अगर ममता से भाजपा से कहीं कोई समझौता किया हो तो उस बारे में बताएं.