PM मोदी के फोन का जवाब न देने वाली ममता, अब उनके शपथ समारोह में जाएंगी

कुछ समय पहले ही ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य में ‘सांप्रदायिक जहर’ फैलाकर चुनाव जीतने और निर्वाचन आयोग पर भगवा पार्टी के हित में काम करने का आरोप लगाया था.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्ट के बीच काफी गरमा गरमी देखने को मिली. कई मौकों पर ऐसी स्थिति सामने आई जब दोनों पार्टियों के बीच तनावपूर्ण माहौल रहा. इसके चलते दोनों ही पार्टियों के खास नेताओं ने एक-दूसरे पर खूब आरोप प्रत्यारोप लगाए.

हाल ये रहा कि किसी को भी पार्टियों के बीच चल रहे इस तनाव के कम होने के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे थे. मगर इन तमाम चुनावी मामलों को नजरंदाज करते हुए ममता बनर्जी 30 मई को नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री दोबारा शपथ लेने वाले कार्यक्रम में शामिल होने जा रही हैं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ घमासान के बावजूद लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 22 सीटें ही मिल पाईं जबकि बीजेपी को 18 और कांग्रेस को दो सीटें मिली हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को पिछले चुनाव में 34 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार मात्र 22 सीटों से संतोष करना पड़ा.

कुछ समय पहले ही ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य में ‘सांप्रदायिक जहर’ फैलाकर चुनाव जीतने और निर्वाचन आयोग पर भगवा पार्टी के हित में काम करने का आरोप लगाया था.

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मैं जरूर कहूंगी, युद्ध और प्यार में कुछ भी नाजायज नहीं है. भाजपा ने जो किया, वह अपना हित साधने के लिए किया. इसलिए मैं सराहना करती हूं कि उन्होंने सांप्रदायिक जहर फैलाकर जीत हासिल की.”