बंगाल में वाम साफ, बीजेपी के उभार के बावजूद दीदी का दबदबा

यूपी के बाद बंगाल वो सूबा है जिसके राजनीतिक परिणामों पर सबकी निगाहें टिकी हैं. सर्वाधिक चुनावी हिंसा की खबरें भी बंगाल से ही आई लेकिन दीदी का दबदबा कायम है.

आम चुनाव 2019 के नतीजों का इंतज़ार बेसब्री से किया जा रहा है. यूपी को भले ही दिल्ली तक जाने का रास्ता माना जाता है लेकिन गठबंधन के दौर में हर राज्य के छोटे दलों की भूमिका बेहद अहम हो गई हैं. ऐसे में हर बड़े दल को अपनी रणनीति पर सिरे से विचार करना पड़ रहा है. ना सिर्फ अपने सहयोगी दलों का ख्याल रखना पड़ रहा है बल्कि छोटे-बड़े हर राज्य में ज़्यादा से ज़्यादा सीट जीतने पर भी ज़ोर लगाना पड़ रहा है ताकि उसके ही सहयोगी नतीजे आने के बाद दबाव ना बनाने लगें.

ऐसा ही एक राज्य पश्चिम बंगाल है जहां लोकसभा की 42 सीटें हैं. कभी वामपंथियों के गढ़ रहे बंगाल में कांग्रेस से अलग हुई ममता बनर्जी ने ऐसी सेंध लगाई कि अब ना यहां कांग्रेस लड़ाई में दिखती है और ना ही वामपंथी. अगर दीदी को कोई चुनौती देता दिखा तो वो थी बीजेपी.

TV9 भारतवर्ष–C VOTER के एक्ज़िट पोल में भी साफ दिख रहा है कि बंगाल में कांग्रेस और कम्युनिस्टों की सुबह नहीं हो सकी है जबकि दीदी का एकछत्र राज कायम है. बीजेपी की चुनौती उन्हें थोड़ी महंगी तो पड़ी लेकिन उथल पुथल इतनी भारी भी नहीं थी कि बंगाल की तस्वीर में वैसा परिवर्तन दिखता जैसी उम्मीद बीजेपी ने लगा रखी थी.

सीटों के गणित में किसके हाथ लगेगी बाज़ी?
साल 2014 में टीएमसी ने 34 सीट हासिल की थी. बीजेपी ने 2 सीटें जीती थीं. कांग्रेस के हाथ 4 सीट लगी थी जबकि सीपीएम भी 2 सीटों पर ही सिमट गई थी.

5 साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में TV9 भारतवर्ष–C VOTER का एक्ज़िट पोल बताता है कि टीएमसी की सीटें 34 से घटकर 29 हो जाएंगी जबकि बीजेपी अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 2 सीटों से 11 पर पहुंच जाएगी. कांग्रेस को 2 ही सीटें मिलेंगी और 2 सीटों का नुकसान उठाना पड़ेगा. सीपीएम के हाथ से 2 सीटें भी निकल जाएंगी और उसे कोई सीट नहीं मिलनेवाली.

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वोट प्रतिशत का ऊंट किस करवट बैठेगा?
अमूमन वोट प्रतिशत और सीटों का रिश्ता अजीबोगरीब होता है. आइए एक नज़र उस पर भी डाल लेते हैं. साल 2014 में सबसे ज़्यादा 34 सीट जीतनेवाली टीएमसी का वोट प्रतिशत 39.05 था. इस बार सीटें 29 रह जाएंगी लेकिन वोट प्रतिशत में खास नुकसान नहीं दिख रहा.   TV9 भारतवर्ष–C VOTER का एक्ज़िट पोल कहता है कि 39.03% वोटर फिर ममता दीदी में भरोसा जता रहे हैं. वहीं बीजेपी 2 सीटों से 11 पर तो पहुंचेगी, साथ ही उसका वोट प्रतिशत भी 17.02% से करीब दोगुना होकर 32.03% तक पहुंचने वाला है.

2019 का आम चुनाव केंद्र की राजनीति से वामपंथियों का सूपड़ा साफ करनेवाला साबित हो सकता है

कांग्रेस का ज़िक्र करें तो पिछली बार 4 सीट जीतने वाली कांग्रेस सिर्फ 2 सीट जीतेगी लेकिन खराब प्रदर्शन के उलट वोट प्रतिशत में उछाल दिख रहा है. 9.58% वोटर्स से बढ़कर उसके खाते में 11.4% वोटर्स जुड़ गए हैं. सीपीएम को सबसे भारी नुकसान हुआ है. बुरे प्रदर्शनों से कुछ ना सीखने वाले वामपंथी अपनी 2 सीटें भी खोते दिख रहे हैं और वोट प्रतिशत की गिरावट तो सबसे ज़्यादा चिंताजनक है. 2014 में 29.71% बंगाली वोटर्स ने वामपंथियों को वोट दिया था मगर इस बार बस 14.1% वोटर्स ही लाल परचम से उम्मीद रख रहे हैं.

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