‘पीएम मोदी ने पांच सालों में लिए विनाशकारी फैसले, बाहर का रास्ता दिखाना ज़रूरी’

"मैं इस चुनाव में किसी विशेष व्यक्ति के लिए किसी भी 'लहर' की उम्मीद नहीं कर सकता. केवल 'लहर' जो वर्तमान समय के संदर्भ में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, बेरोजगारी के खिलाफ लहर, प्रचंड कृषि संकट के खिलाफ लहर, हमारे छोटे और मध्यम उद्यमों और व्यवसायों को बर्बाद किये जाने के खिलाफ लहर है. विभाजन की राजनीति के खिलाफ लहर है. केवल यही लहर है जिसे मैं देख सकता हूं. इस चुनाव में परिणाम कई लोगों को आश्चर्यचकित कर सकते हैं."

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने साल 2014 से साल 2019 के बीच युवाओं, किसानों, व्यापारियों और संवैधानिक संस्थानों के लिए कई दर्दनाक और हानिकारक फ़ैसले लिए है. इसलिए इन्हें बाहर का रास्ता दिखाना बहुत ज़रूरी है. यह कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री मननोहन सिंह का.

रविवार को एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों को लेकर खुल कर बात की. मनमोहन सिंह ने ‘मोदी लहर ‘ की बात ख़ारिज़ करते हुए कहा कि इस बार देश की जनता उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएगी. मनमोहन का कहना है कि देश आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा है. मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को गंभीर हालात में लाकर छोड़ दिया है. लोग हर रोज की बयानबाजी और मौजूदा सरकार के दिखावटी बदलाव से तंग आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि ‘भ्रम और बीजेपी के बड़बोलेपन’ के खिलाफ लोगों में एक खामोश लहर है.

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार के पांच साल शासन चलाने और जवाबदेही लेने के मामले में पूरी तरह से फ़ेल रही है. नरेंद्र मोदी साल 2014 में अच्छे दिन का वादा कर केंद्र में आए. जो किसानों, युवाओं, व्यापारियों और संवैधानिक संस्थाओं के लिए हानिकारक फ़ैसले लेने तक सीमित होकर रह गया.

सिंह ने आगे कहा, ‘लोग मोदी सरकार और भाजपा को खारिज करने का मन बना चुके हैं ताकि भारत के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके.’

मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की नीति को ‘सतही’ बताया है. उन्होंने कहा, ‘बिना बुलाये पाकिस्तान जाना, पठानकोट में आईएसआई को आमंत्रित करना, ये स्थिति भ्रम पैदा करने वाली रही है.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में ‘एक व्यक्ति’ की विचार प्रक्रिया और इच्छा को लागू करके लोगों की आकांक्षाओं और आशाओं के साथ कोई न्याय नहीं करेगा.

वहीं विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़े कारोबारियों को लेकर पीएम मोदी पर वार करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि देश से भागने वाले घोटालेबाजों और उच्च राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों के बीच निश्चित तौर पर साठगांठ है.

मोदी सरकार पर अपना सबसे जबरदस्त हमला करते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में भ्रष्टाचार की ‘बदबू’ को ‘अकल्पनीय अनुपात’ तक पहुंचा दिया.

उन्होंने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के वादे पर सत्ता में आई थी. पिछले पांच वर्षों में, हमने केवल यही देखा है कि भ्रष्टाचार अकल्पनीय अनुपात तक बढ़ गया है. नोटबंदी शायद स्वतंत्र भारत का ‘सबसे बड़ा घोटाला’ था.

उन्होंने कहा कि यदि राफेल विमान सौदे में कुछ भी गलत नहीं हुआ है तो नरेन्द्र मोदी जेपीसी से जांच कराने पर सहमत क्यों नहीं हो रहे है?

सिंह ने कहा कि नोटबंदी की विपदा ने व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों की कमाई को खत्म कर दिया. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ने सरकार पर अपना विश्वास खो दिया है. मध्यम वर्ग ने कड़ी मेहनत करके जमा की गई अपनी बचत को खो दिया. महिलाओं ने सुरक्षा और सशक्तिकरण की भावना खो दी है. वंचित वर्गों ने अपने पारंपरिक अधिकारों को खो दिया है.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बिना बुलाये पाकिस्तान जाने से लेकर आतंकवादी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट हवाई ठिकाने पर आमंत्रित करने तक पाकिस्तान पर मोदी की लापरवाही भरी नीति असंगतिपूर्ण है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंह ने कहा कि लोग हर रोज की बयानबाजी और मौजूदा सरकार के दिखावटी बदलाव से तंग आ चुके हैं.

उन्होंने कहा कि ‘भ्रांति और भाजपा के बड़बोलेपन’ के खिलाफ लोगों में एक खामोश लहर है’

इस चुनाव में राष्ट्रवाद और आतंकवाद के मुद्दों पर भाजपा के ध्यान केन्द्रित करने के प्रयास का जवाब देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने मोदी की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया’

उन्होंने कहा कि यह ‘दुख’ की बात है कि पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता करने की बजाय प्रधानमंत्री मोदी जिम कॉर्बेट पार्क में ‘फिल्मों की शूटिंग’ कर रहे थे.

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे.

उन्होंने दावा किया कि पुलवामा में ‘समग्र खुफिया विफलता’ आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों की पोल खोलती है.

सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर मोदी सरकार का रिकॉर्ड ‘निराशाजनक’ है क्योंकि आतंकवाद की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं.

मोदी के राष्ट्रवाद के विमर्श पर उन्होंने कहा, ‘सौ बार बोला गया कोई झूठ सच नहीं हो जाता है.’

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