यूपी में बुआ-बबुआ की जोड़ी को झटका, गोरखपुर से सपा सांसद प्रवीण निषाद ने थामा BJP का दामन

गोरखपुर सीट योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के सीएम बनने के बाद खाली हुई थी, जहां उपचुनाव होने के बाद ये सीट सपा के खाते में चली गयी...

नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश में बुआ बबुआ की जोड़ी को गुरुवार को ज़बरदस्त झटका लगा. गोरखपुर से समाजवादी पार्टी के सासंद प्रवीण निषाद ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया.

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में दिल्ली में निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद और गोरखपुर सांसद प्रवीण निषाद ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली. यूपी पश्चिम के कई क्षेत्रों में इस पार्टी का प्रभाव है. प्रवीण निषाद ने कहा कि हमने पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर BJP से गठबंधन किया है.

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी प्रवीण निषाद का स्वागत करती है. उत्तर प्रदेश में एकतरफा सुनामी भाजपा और मोदी की है. इस बार भी यूपी में जनता भाजपा को वोट देगी. इस बार वहां सारे जातीय समीकरण टूटेंगे. नड्डा ने बताया कि आज अमेठी में BSP के एक प्रत्याशी ने भी BJP जॉइन की है. राहुल गांधी के वायनाड से भी चुनाव लड़ने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा- वो वहां क्यों जा रहे हैं. यह आप समझ सकते हैं.

इसलिए छोड़ा साथ
सपा को समर्थन देने वाली निषाद पार्टी ने 29 मार्च को ही गठबंधन से अलग होकर अलग चुनाव लड़ने का दावा किया था. पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने घोषणा की थी कि वह गठबंधन के साथ नहीं हैं. उन्होंने कहा था कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकते हैं और अन्य विकल्प की भी तलाश कर सकते हैं. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा था कि वह हमारी पार्टी के लिए सीटों की घोषणा करेंगे, लेकिन उन्होंने पोस्टर या किसी पत्र पर हमारा नाम तक नहीं रखा. इस बात से मेरी पार्टी के कार्यकर्ता परेशान थे, इसीलिए निषाद पार्टी ने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया. गौरतलब है कि 26 मार्च को सपा ने निषाद पार्टी को अपने गठबंधन में शामिल किया था. इसी की वजह से अखिलेश फिर से गोरखपुर जीतने का दावा कर रहे थे.

सांसद को नहीं, महागठबंधन को जिताया था
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक ट्वीट कर प्रवीण निषाद के बीजेपी ज्वाइन करने पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जनता ने सांसद को नहीं, इनके पीछे के महागठबंधन को जिताया था.