पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से मिल पेश किया दावा, NDA के सभी नेता रहे मौजूद

अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल ने नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका एनडीए के सहयोगी नेताओं ने समर्थन किया.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के परिणाम आने के बाद सरकार बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है. संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए के नेता जुट गए हैं. पीएम मोदी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत तमाम एनडीए नेताओं को मंच पर जगह दी गई है. संसद के सेंट्रल हॉल से LIVE अपडेट्स…

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के संविधान अनुच्छेद 75 (1) के तहत आज नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधान मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया- राष्ट्रपति भवन
  • भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए प्रतिनिधिमंडल, प्रकाश सिंह बादल, राजनाथ सिंह, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, सुषमा स्वराज, उद्धव ठाकरे, नितिन गडकरी, के पलानीस्वामी, कोनराड संगमा और नेफिउ रियो ने राष्ट्रपति राम नाथ से मुलाकात की.
  • हम सबको मिलकर के 21वीं सदी में हिंदुस्तान को ऊंचाइयों पर ले जाना है. सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है.
  • संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है. पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.
  • गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश की माइनॉरिटी के साथ हुआ है. अच्छा होता कि माइनॉरिटी की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती. 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी छेद करना है. हमें विश्वास जीतना है.
  • गरीबों के साथ जो छल चल रहा था, उस छल में हमने छेद किया है और सीधे गरीब के पास पहुंचे हैं. देश पर इस गरीबी का जो टैग लगा है, उससे देश को मुक्त करना है. गरीबों के हक के लिए हमें जीना-जूझना है, अपना जीवन खपाना है.
  • 2014 में मैंने कहा था, मेरी सरकार इस देश के दलित, पीड़ित, शोषित, आदिवासी को समर्पित है. मैं आज फिर से कहना चाहता हूं कि पांच साल उस मूलभूत बात से अपने आपको ओझल नहीं होने दिया.
  • महात्मा गांधी का सरल रास्ता है कि आप कोई भी निर्णय करें और आप उलझन में हों तो पल भर में आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति को याद कर सोचें कि आप जो कर रहे हैं, वह उसका भला करेगा या नहीं.
  • वीआईपी कल्चर से देश को नफरत है, एयरपोर्ट पर चेकिंग होती है तो हमें बुरा नहीं लगना चाहिए. लालबत्ती को हटाने में कोई पैसा नहीं लगा, लेकिन इसे हटाने से देश में अच्छा मैसेज गया.
  • जो भी जीतकर आए हैं, सब मेरे हैं. दायित्व कुछ ही लोगों को दे सकते हैं. सरकार और कोई बनाने वाला नहीं है, जिसकी जिम्मेवारी है वही बनाने वाले हैं. अखबार के पन्नों से न मंत्री बनते हैं, न मंत्रिपद जाते हैं.
  • हमारा मोह हमें संकट में डालता है इसलिए हमारे नए और पुराना साथी इन चीजों से बचें क्योंकि अब देश माफ नहीं करेगा. हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारियां है. हमें इन्हें निभाना है.
  • एक है एनर्जी और दूसरा है सिनर्जी. ये एनर्जी और सिनर्जी एक ऐसा केमिकल है, जिसको लेकर हम सशक्त और सामर्थ्यवान हुए हैं. जिसको लेकर हमें आगे चलना है.
  • जनप्रतिनिधि के लिए कोई भेद भाव की सीमा रेखा नहीं होती. जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं, जो भविष्य में हमारे साथ होंगे हम उनके लिए भी हैं.
  • ये देश परिश्रम की पूजा करता है, ये देश ईमान को सर पर बिठाता है, यही इस देश की पवित्रता है.
  • विश्वास की डोर जब मजबूत होती है, तो प्रो-इंकंबेंसी वेव पैदा होती है, यह वेव विश्वास की डोर से बंधी हुई है. ये चुनाव पॉजिटिव वोट का चुनाव है. फिर से सरकार को लाना है, काम देना है, जिम्मेदारी देनी है. इस सकारात्मक सोच ने इतना बड़ा जनादेश दिया है.
  • 2019 का चुनाव सामाजिक एकता का आंदोलन बन गया, समता भी, ममता भी, समभाव भी, ममभाव भी. इस वातावरण ने इस चुनाव को एक नई ऊंचाई दी: मोदी

  • मोदी ने कहा- प्रचंड जनादेश जिम्मेदारियों को भी बहुत बढ़ा देता है.जिम्मेदारियों को हम सहर्ष स्वीकार करने के लिए निकले हुए लोग हैं. उसके लिए नईऊर्जा, नई उमंग के साथ हमें आगे बढ़ना है.
  • विशेष रूप से जो पहली बार चुनकर आए हैं, वे विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं, इसलिए मैं उनको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं: मोदी
    सेंट्रल हॉल की आज ये घटना असामान्य घटना है. हम आज नए भारत के हमारे संकल्प को एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए एक नई यात्रा को यहां से आगे बढ़ाने वाले हैं: मोदी
    आज नए भारत के संकल्प को एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए यहां से एक नई यात्रा को आरंभ करने वाले हैं: मोदी
  • जनता के मन में एक टीस थी कि आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं होती. मोदी जी के आने के बाद जनता को विश्वास हुआ कि अब एक नेता ऐसा आया है जो आतंकवादियों के घर में घुसकर कार्रवाई कर सकता है: शाह
  • जिस प्रकार से मोदी जी ने पांच साल शासन चलाया उसको देश की जनता ने स्वीकारा है. वो बताता है कि देश की जनता ने नरेन्द्र मोदी एक्सपेरिमेंट को मन से फिर एक बार स्वीकारा है: अमित शाह
  • चुनाव अभियान के समय कई सवाल उठाए जाते थे, लेकिन हमारे सभी साथियों को विश्वास था कि हम 50 प्रतिशत की लड़ाई लड़ेंगे और एनडीए को मोदी जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत प्राप्त होगा: अमित शाह
  • ये प्रचंड जनादेश जो हमें मिला है वो ऐतिहासिक जनादेश है. भाजपा के 303 सांसद चुनकर आना और एनडीए के 353 सांसद चुनकर आना जनता का अपार समर्थन है:अमित शाह
  • अमित शाह ने पीएम मोदी भेंट की शॉल, खिलाई मिठाई
  • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुनने का फैसला सुनाया.
  • अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने नरेंद्र मोदी के नाम पर अपनी सहमति दी.
  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी के नाम पर समर्थन दिया.
  • लोजपा नेता रामविलास पासवान नरेंद्र मोदी के नाम पर समर्थन दिया.
  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने भी दिया समर्थन.

बैठक में उद्धव ठाकरे, रामविलास पासवान समेत एनडीए के सभी नेता और सांसद मौजूद रहेंगे. इस बैठक में नरेंद्र मोदी को एनडीए का भी नेता चुना जाएगा. इसके बाद मंत्रिमंडल के गठन और पोर्टफोलियो को लेकर अमित शाह शनिवार और रविवार को अलग-अलग एनडीए सहयोगियों के साथ विचार विमर्श करेंगे.

बीजेपी ने जीतने वाले अपने सांसदों से मतगणना के दिन ही दिल्ली आने का बुलावा भेज दिया था. उन्हें सर्टिफिकेट लेकर 25 मई को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया गया था. आज सभी सांसद अपनी जीत का सर्टिफिकेट लेकर संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लेना पहुंच गए हैं.

मंत्रिमंडल की हो सकती है चर्चा
संसदीय दल की बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एनडीए के सहयोगियों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान, अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल आ सकते हैं. इस बैठक में मंत्रिमंडल बंटवारे पर चर्चा की जा सकती है.

30 मई को हो सकती है शपथ
सूत्रों की मानें तो मोदी 30 मई को शपथ ले सकते हैं. शपथ लेने से पहले नरेंद्र मोदी 28 मई को जीत का आशीर्वाद लेने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जा सकते हैं. इसके बाद 29 मई को मोदी अपने गृह राज्य गुजरात भी जाएंगे. यहां वह अपनी मां हीरा बेन से भी मिलेंगे और जीत का आशीर्वाद लेंगे.

इससे पहले शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा था. इस इस्तीफे को राष्ट्रपति कोविंद ने मंजूर कर लिया था और लोकसभा को भंग कर दिया था. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद मोदी ने कहा, ‘इस कार्यकाल का सूर्य अस्त हो गया, लेकिन हमारे काम की रोशनी लाखों लोगों की जिंदगी में उजाला बिखेरती रहेगी. नये सूर्योदय का इंतजार है. नया कार्यकाल शुरू होगा.’