राफेल पर सफाई देते वक्त निर्मला सीतारमण ने क्यों किया ‘भजन मंडली’ का जिक्र

पहले चरण के मतदान के ठीक पहले राफेल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस पार्टी इसको लेकर हमलावर हो चुकी है. वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर सफाई दी है.

नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान होने में कुछ ही घंटे बचे हैं. उससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे पर दोबारा से सुनवाई करने वाली याचिका को स्वीकार लिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस जहां इस फैसले हमलावर हो चुकी है वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर सफाई दी है.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि हम अदालत के हर आदेश का पालन करेंगे. इस मामले में केवल चुनिंदा चीजें ही लीक की गई हैं. उन्‍होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील को लेकर कोई सवाल नहीं उठाए हैं. रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के अध्‍यक्ष ने शीर्ष अदालत की अवमानना की है. राहुल ने राफेल मामले में सारी हदें पार कर दी हैं.

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बहुत सारे लोग हैं जो गलत सूचना फैला रहे हैं. लेकिन यह दुख की बात है कि हमारे अपने देश में कांग्रेस पार्टी की ‘भजन मंडली’ में बहुत सारे लोग हैं जो रक्षा बलों द्वारा हकीकत बताए जाने पर भी संदेह और सवाल उठा रहे हैं क्योंकि ये उन्हें सूट करता है.

मोदी जी कुछ भी कर लें, राफेल का सच सामने आकर रहेगा: कांग्रेस
राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फिर से सुनवाई करने के लिए तैयार होने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में सच सामने आकर रहेगा.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी जी जितना चाहें भाग सकते हैं और झूठ बोल सकते हैं. लेकिन आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा.’

उन्होंने दावा किया, ‘राफेल घोटाले की परतें एक-एक करके खुल रही हैं. अब ‘कोई गोपनियता का कानून नहीं है’ जिसके पीछे आप छिप सकें.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी सिद्धान्त को बरकरार रखा है. परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी.

चिंता मत करिए मोदी जी, अब जांच होने जा रही है चाहे आप चाहें या नहीं चाहें.’

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने राफेल सौदे पर नए दस्तावेजों को लेकर केन्द्र की आपत्तियां ठुकराई

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाये जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को ठुकरा दिया. इन दस्तावेजों पर केंद्र सरकार ने ‘‘विशेषाधिकार’’ का दावा किया था.

केंद्र ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने विशेष दस्तावेज गैरकानूनी तरीके से हासिल किए और 14 दिसम्बर, 2018 के निर्णय को चुनौती देने के लिए इसका प्रयोग किया गया.

इस फैसले में न्यायालय ने फ्रांस से 36 राफेल विमान सौदे को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की एक पीठ ने कहा, ‘‘ हम केन्द्र द्वारा समीक्षा याचिका की स्वीकार्यता पर उठाई प्रारंभिक आपत्ति को खारिज करते हैं.’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि 14 दिसंबर को राफेल विमान की खरीद से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज करने संबंधी करने के फैसले पर दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा.

न्यायालय ने कहा कि वह राफेल पर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई के लिए तारीख तय करेगा.

शीर्ष अदालत ने 14 मार्च को उन विशेषाधिकार वाले दस्तावेजों की स्वीकार्यता पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियों पर फैसला सुरक्षित रखा था जिन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी तथा वकील प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत के 14 दिसंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका में शामिल किया था.