नितिन गडकरी ने बताया, अबकी बार किसकी सरकार?

नितिन गडकरी ने हालिया इंटरव्यू में कहा, “एक समय था जब सभी दल इंदिरा जी के खिलाफ थे, फिर भी वो चुनाव जीत गईं थीं”.

नई दिल्ली: हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो प्रधानमंत्री की रेस में नहीं हैं. उन्होंने ये भी कहा कि राजनीति के मामले में दो और दो मिलकर हमेशा चार नहीं होते. नितिन गडकरी ने दावा किया कि इस बार फिर से बीजेपी दोबारा बहुमत से सत्ता में आएगी.

गडकरी ने कहा 2014 के दौरान सत्ताविरोधी लहर तेज थी, लेकिन पीएम मोदी को लेकर जनता में उम्मीदें जागीं. इसके बाद बीजेपी को केंद्र में सरकार बनाने में सफलता मिली. जनता सब देख रही है कि पिछले पांच सालों में हमने क्या किया है.

नितिन गडकरी नागपुर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उन्होंने इंटरव्यू में बोला कि पिछले पांच सालों में बीजेपी ने आर्थिक और सामाजिक सुधारों की दिशा में कई योजनाओं के जरिए करोड़ों जनता को लाभ पहुंचाने में सफलता हासिल की है. पांच साल में हुए इन्हीं कामों को ध्यान में रखकर जनता हमें वोट देगी. मुझे मोदी जी के फिर से पीएम बनने पर पूरा भरोसा है.

लोकसभा चुनाव को लेकर गडकरी ने कहा, इस बार ओडिशा और बंगाल की सीटों में बीजेपी को बढ़त मिलेगी. साथ ही यूपी में भी बीजेपी को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है. 

गठबंधन वाली बात पर उन्होंने कहा, एक समय था जब सभी दल इंदिरा जी के खिलाफ थे, फिर भी वो चुनाव जीत गईं थीं. नितिन ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि सपा-बसपा का वोट शेयर एक साथ नहीं आ सकता.

आजकल मुद्दा बने हुए बेरोजगारी के मामले पर नितिन ने कहा कि ये पांच साल की समस्या नहीं है, बल्कि 72 साल पुरानी है. कांग्रेस की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही दिक्कत हुई है. इनका भ्रष्ट शासन सारी समस्याओं का मूल है.

मोदी सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए गडकरी ने कहा कि पीने और सिंचाई का पानी न होने पर हमारी सरकार प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लेकर आई. आयुष्मान योजना में 10 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया. उज्जवला योजना ने करोड़ों को सिलिंडर दिलाया. गंगा की सफाई पर बहुत काम किया गया. हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में काम किया है.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी महासचिव राम माधव की उस राय से सहमत हैं, जिसमें उन्होंने पार्टी के बहुमत से दूर रह जाने की बात कही है? पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “मैं राम माधव की राय से सहमत नहीं हूं. मेरा मानना है कि हमें अच्छा बहुमत मिलेगा.”

माधव ने इस सप्ताह एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर हमें अपने दम पर 271 सीटें प्राप्त हो जाएंगी, तो हम बहुत खुश होंगे, जिससे प्रतीत होता है कि वह 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों की उम्मीद नहीं कर रहे हैं.

इसपर गडकरी ने कहा, “भाजपा इस बार पहले से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी. राजग को ज्यादा सीटें मिलेंगी. हम निश्चित ही बहुमत पाएंगे और मोदीजी हमारे अगले प्रधानमंत्री होंगे.”

यह पूछ जाने कि वह भाजपा के लिए कितनी सीटों की उम्मीद करते हैं? उन्होंने कहा कि वह 300 से ज्यादा सीटों की उम्मीद करते हैं. भाजपा ने 2014 में 282 सीटों पर कब्जा जमाया था. उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि लोग हमारे लिए वोट करेंगे.”

गडकरी ने कहा, “मतदाता अलग तरह से सोचते हैं. नौजवान पीढ़ी किसी जाति, धर्म, लिंग, संप्रदाय से नहीं आती है. वे लोग विकास और 21वीं सदी के नए भारत के प्रति समर्पित रहते हैं. इसलिए नौजवान पीढ़ी निश्चित ही भाजपा को वोट देने जा रही है.”

भाजपा को बहुमत न मिलने की स्थिति में वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं की जारी चर्चा पर उन्होंने कहा, “मेरे पास ऐसा कोई एजेंडा नहीं है. केवल मोदीजी प्रधानमंत्री बनेंगे.”

उन्होंने कहा, “जीएसटी और नोटबंदी का भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. स्वतंत्रता के बाद जीएसटी एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों में से एक है. शुरुआत में इसको लेकर कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन रोजाना हमने सकारात्मक निर्णय लिए और मुद्दे को सुलझाया. अब लोग बड़े पैमाने पर जीएसटी से संतुष्ट हैं.”

नोटबंदी पर वरिष्ठ मंत्री ने कहा, “मेरा मानना है कि अर्थव्यवस्था नंबर दो से नंबर एक में बदल गई. लोग टैक्स दे रहे हैं. वे अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं.”

उनसे पूछा गया कि नोटबंदी से आतंकवाद नहीं रुका, जबकि प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर, 2016 को अचानक लिए गए इस निर्णय की घोषणा के वक्त वादा किा था. गडकरी ने कहा, “इसमें थोड़ा समय लगेगा. हर जगह कुछ तात्कालिक कदम होते हैं, कुछ मध्यकालिक और कुछ दीर्घकालिक कदम होते हैं. यह एक दीर्घकालिक कदम है. वह परिणाम हासिल करने के लिए इसमें हमें थोड़ा समय लगेगा.”