वोट परसेंटेज गिरने पर नीतीश कुमार ने दिया ये बड़ा बयान

सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि गर्मी में चुनाव नहीं होना चाहिए और इसे लेकर चुनाव आयोग को विचार-विमर्श करना चाहिए.

पटना: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आखिरी चरण में देश की 59 सीटों पर आज मतदान हो रहे हैं. वहीं आज बिहार की 8 लोकसभा सीटों पर भी वोट डाले जा रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत की, जिसमें उन्होंने कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा की.

सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि गर्मी में चुनाव नहीं होना चाहिए और इसे लेकर चुनाव आयोग को विचार-विमर्श करना चाहिए. नीतीश कुमार ने कहा, “हम एक सुझाव देना चाहते हैं. एक सर्वदलीय मीटिंग होनी चाहिए. मेरे दिमाग में भी ये बात है और आम लोगों से भी मैंने इस बारे में बात की है और सभी लोगों की यह राय थी कि इतनी ज्यादा गर्मी में इतना लंबा चुनाव अभियान चलना ये उपयुक्त नहीं है.”

उन्होंने कहा, “फरवरी-मार्च या अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होना चाहिए और इतने चरण में चुनाव नहीं होना चाहिए. कम से कम चरण में चुनाव होना चाहिए ताकि लोगों को सुविधा हो सके. हम लोगों ने इतनी गर्मी में मीटिंग किया. अब हम तो कर रहे थे और जब भी होगा करेंगे लेकिन इसमें लोगों को भी काफी तकलीफ देते थे हम. मतदान करने आते हैं और दिनभर लाइन में लगे रहते है. मेरा मानना है कि इसपर एक सहमति बननी चाहिए.”

इसके बाद नीतीश कुमार ने कहा, “एक ऐसी संवैधानिक व्यवस्था होनी चाहिए कि जब भी देश में चुनाव हों तो इन्हीं दो समय में इनका समय निर्धारित किया जाना चाहिए. आइडियल चुनाव एक चरण में होता है, लेकिन इतना बड़ा देश है तो दो-तीन चरण में चुनाव कर लीजिए, लेकिन इतने सारे चरणों में नहीं होना चाहिए. इसे लेकर में सभी राजनीतिक पार्टियों को पत्र भी लिखूंगा, ताकि इसपर विचार-विमर्श किया जाए.”

चुनावी मुद्दा

अपने चुनावी मुद्दे पर बात करते हुए सीएम ने कहा, “मेरा चुनावी मुद्दा काम रहा है. हमने हमेशा कहा कि लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है और बिहार में पिछले 13 सालों में जो भी काम हमने किया है हम उन्हीं का जिक्र करते रहे हैं. केंद्र सरकार ने जो भी प्रशंसनीय काम किए हैं हम उनकी भी चर्चा करते हैं. आप लोग जानते ही हैं कि हम एनडीए गठबंधन में हैं. हम लोगों की ख्वाहिश तो यही है कि मोदी जी के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बने.”

राजनेताओं के बिगड़े बोल

चुनाव प्रचार के समय अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वाले राजनेताओं को लेकर नीतीश कुमार ने कहा, “मेरी अपनी राय है कि राजनीतिक मर्यादा का हर तरह से पालन होना चाहिए, पर आप जानते हैं कि कभी हमने अमर्यादित बात नहीं कही है और जब तक इस भूमिका में रहेंगे तब तब किसी पर अमर्यादित टिप्पणी किसी पर नहीं करेंगे. आप अपनी नीतियों के जरिए बहुत सारी बात कह सकते हैं और किसी से विरोध है तो आरोप भी लगा सकते हैं लेकिन अच्छा होगा कि मर्यादा में रहकर ही अपनी बात कही जाए.”

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बिहार विशेष राज्य का दर्जा

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की मांग के सवाल पर नीतीश कुमार बोले, “बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की मांग हमारी इच्छा है और हम लोगों की इसपर प्रतिबद्धता है. बिहार विधानसभा और बिहार विधानपरिषद से ये सर्वसम्मति से पारित है और तबसे ही निरंतर हम मांग करते रहे हैं. इसके लिए जो भी बहस होगी या तर्क होगा हम देते रहेंगे.”

धारा 35ए और 370

धारा 35ए और 370 को हटाए जाने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा, “ये सवाल ही नहीं पैदा होता. हम 370 हटाने के पक्ष में नहीं हैं. आपको बता दें कि 1996 में जब हम समता पार्टी थे और आज उसका नाम जनता दल यूनाइटेड हो गया और उस समय ही हमने यह स्पष्ट पर कह दिया था कि धारा 370 को हटाने की बात नहीं हो सकती है. कॉमन सिविल कोर्ट की बात हम स्वीकार नहीं करेंगे. अयोध्या मामले का निपटारा आपसी समझौते या बातचीत या कोर्ट के आदेश से हो. 1996 से ही हमारा इन तीनों मामलों पर स्टैंड रहा है.”

गुलाम नबी आजाद पर सीएम का वार

गुलाम नबी आजाद को अपनी ही पार्टी के बेचारे कहते हुए नीतीश कुमार ने कहा, “गुलाम नबी आजाद का अपनी पार्टी के अंदर कितना महत्व है. राजनीतिक संबंध तो बहुत है, लेकिन कोई कुछ कहता है तो वह अपने ढंग से बात करता है.”

 

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