कभी मुखिया भी नहीं रहा मुजफ्फरपुर से महागठबंधन का ये कैंडिडेट, सोशल मीडिया पर लोग कर रहे सर्च

जी हां जॉर्ज फर्नांडीस जैसी शख्सियत की सीट रही मुजफ्फरपुर से इस बार महागठबंधन के उम्मीदवार हैं राजभूषण चौधरी निषाद. आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी की मौजूदगी में इनके नाम का एलान किया.

पार्टी का नाम विकासशील इंसान पार्टी यानी VIP. इसके मुखिया हैं बॉलीवुड स्टेज मेकर से बिहार के पॉलिटिकल सेटर बने मुकेश सहनी. इसी पार्टी को सहनी के आशीर्वाद से मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट मिल गई है. पर सहनी ने जिसे टिकट का प्रसाद दिया है उसके बारे में इस इलाके के लोगों के पास कोई खास जानकारी नहीं है.

जी हां जॉर्ज फर्नांडीस जैसी शख्सियत की सीट रही मुजफ्फरपुर से इस बार महागठबंधन के उम्मीदवार हैं राजभूषण चौधरी निषाद. आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी की मौजूदगी में इनके नाम का एलान किया. उस समय मुकेश सहनी भी उनके बगल में थे. ये वही मुकेश सहनी हैं जिन्होंने चुनावी राजनीति में इंट्री मारते ही पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बरक्स हैसियत हासिल कर ली. सीट बंटवारे में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और वीआईपी को तीन-तीन सीटें मिली तो सन ऑफ मल्लाह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए.

तेजस्वी के एलान के साथ ही मुजफ्फरपुर का वोटर होने के नाते मेरे जैसे कई लोगों ने राजभूषण चौधरी के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की. मुजफ्फरपुर के स्थानीय पत्रकारों के पास भी राजभूषण चौधरी निषाद के किसी राजनीतिक संघर्ष की दास्तान नहीं थी. खोज खबर के बाद पता चला इनका घर अहियापुर थाने के विजय छपरा में है और ये समस्तीपुर के रोसड़ा में डॉक्टर हैं. एमबीबीएस कर चुके राजभूषण चौधरी निषाद डॉक्टरी की प्रैक्टिस के अलावा निषाद विकास संघ से जुड़े हैं.

सन ऑफ मल्लाह का आशीर्वाद

हालांकि इंटरनेट पर इनका प्रोफाइल सर्च करने पर पता चलता है कि 2017 में ये मुकेश सहनी के संपर्क में आए और उनके पीछे-पीछे ही जातीय संगठन का काम करते रहे. निषाद विकास संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाते जंतर मंतर से लेकर खगड़िया, अररिया और कुछ जिलों में बैठक की खबरों का लिंक मिला. मल्लाह जाति को एससी-एसटी का दर्जा दिलाने के लिए चार नवंबर को पटना में हुई रैली और बाइक रैली में राजभूषण चौधरी की सक्रियता दिखती है.

इसके अलावा चौधरी जी का कोई राजनीतिक इतिहास या अनुभव नहीं है. न वो कभी विधायक रहे , ना ही कभी मुखिया का चुनाव जीते. 2018 में जब मुकेश सहनी ने विकासशील इंसान पार्टी का गठन किया तो राजभूषण को इसाक कोषाध्यक्ष बना दिया.

मुजफ्फरपुर में निषाद वोटों को ध्यान में रखते हुए सीधे चुनावी मैदान में कूद गए हैं. इसने बीजेपी उम्मीदवार अजय निषाद का काम आसान कर दिया है. कैप्टन जयनारायण निषाद के बेटे अजय निषाद लगातार दूसरी बार सांसद बनने की लड़ाई लड़ रहे हैं. लोकसभा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर उनके परफॉरमेंस को लेकर सवाल उठते रहे हैं. माना जा रहा था कि लोगों की नाराजगी अजय निषाद पर भारी पड़ सकती है लेकिन महागठबंधन ने एक बेहद कमोजर कैंडिडेट उतारकर जंग का नतीजा तय कर दिया है.