सवाल पूछने पर एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने अलका लांबा को वॉट्सएप ग्रुप से निकाला

लांबा ने कहा "मैं बीजेपी के खिलाफ लड़ रही हूं लेकिन कुछ लोग मेरे खिलाफ लड़ रहे हैं. मेरी पार्टी के लोग मुझसे बार-बार इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं. मैं जानना चाहती हूं कि मेरी गलती क्या है. मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए?"

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी विधायक अलका लांबा ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें पार्टी विधायकों के वॉट्सएप ग्रुप से एक बार फिर हटा दिया गया है. इस वॉट्सएप ग्रुप में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं. लांबा ने दावा किया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पांचवे कार्यकाल के लिए मिली जीत पर उन्हें बधाई देने की वजह से उन्हें (लांबा को) व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया. उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम आप नेतृत्व के लिए ठीक नहीं है.

लांबा ने कहा “मैं बीजेपी के खिलाफ लड़ रही हूं लेकिन कुछ लोग मेरे खिलाफ लड़ रहे हैं. मेरी पार्टी के लोग मुझसे बार-बार इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं. मैं जानना चाहती हूं कि मेरी गलती क्या है. मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए? मैं चाहती हूं कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र चांदनी चौक के लोग तय करें कि मुझे ‘आप’ से इस्तीफा देना चाहिए या नहीं.” उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने का एक ही रास्ता है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस हाथ मिला लें.

व्हाट्पएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर दिखाते हुए उन्होंने केजरीवाल की निंदा की और पूछा कि आखिर उन्हें ही क्यों लोकसभा चुनावों में मिली पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इस स्क्रीनशॉट में यह साफ दिख रहा है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली से आप के उम्मीदवार रहे दिलीप पांडे ने उन्हें हटाया है. पांडे ने हालांकि इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया.

पहले भी निकाला जा चुका है उन्हें घर से बाहर

यह दूसरी बार है जब लांबा को ग्रुप से हटाया गया है. इससे पहले उन्हें पिछले साल दिसंबर में ग्रुप से हटाया गया था. जब उन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न सम्मान को रद्द करने के पार्टी के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी. हालांकि लोकसभा चुनाव प्रचार से पहले उन्हें ग्रुप में शामिल कर लिया गया था.

केजरीवाल पर भड़कते हुए लांबा ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो बंद कमरे में तमाम फैसले लेते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘गुस्सा मुझ पर कुछ यूं निकाला जा रहा है. अकेली मैं ही क्यों? मैं तो पहले दिन से ही यही सब कह रही थी जो आज हार के बाद आप (केजरीवाल) कह रहे हैं. कभी ग्रुप में जोड़ते हो, कभी निकालते हो. बेहतर होता इससे ऊपर उठकर कुछ सोचते, बुलाते, बात करते, गलतियों और कमियों पर चर्चा करते, सुधार कर के आगे बढ़ते.’’

अलका लांबा के इस आरोप पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज से सवाल करने पर उन्होंने कहा, “हम अलका लांबा पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. वह ध्यान खींचने के लिए ऐसा करती हैं. सौरभ ने बताया कि कुछ विधायकों ने एक मुद्दा उठाया था कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में लोगों ने स्थानीय कार्यों को लेकर नाखुशी जताई है. सीएम ने उनसे विनम्रता के साथ ऐसे लोगों से मिलने और काम में तेजी लाने का आश्वासन दिया. साथ ही असुविधा के लिए माफी भी मांगी.

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