इस बार लालू परिवार से सिर्फ बेटी लोकसभा उम्मीदवार, एक और ‘भाई’ बिगाड़ सकता है खेल

मीसा भारती का पाटलिपुत्र में राम कृपाल यादव से मुकाबला होगा. राम कृपाल बिहार एनडीए में भाजपा के उम्मीदवार हैं. माना जा रहा है कि इन दोनों के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है.

नई दिल्ली: बिहार में महागठबंधन के उम्मीदवारों की घोषणा हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने हिस्से की 19 लोकसभा सीटों में से 18 पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. शिवहर की सीट पर राजद अभी तक अपने उम्मीदवार का चुनाव नहीं कर पाई है. इस पर तेज प्रताप की पसंद को लेकर विवाद चल रहा है.

दिलचस्प बात ये है कि इस बार लालू परिवार का केवल एक सदस्य लोकसभा चुनाव लड़ रहा है. राजद की राजनीति को जानने वालों के लिए ये हैरान करने वाली बात है. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती को पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से टिकट मिला है.

मीसा भारती हैं इकलौती उम्मीदवार
मीसा भारती का पाटलिपुत्र में राम कृपाल यादव से मुकाबला होगा. राम कृपाल बिहार एनडीए में भाजपा के उम्मीदवार हैं. माना जा रहा है कि इन दोनों के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है. एक तरफ जहां मीसा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी हैं. वहीं, राम कृपाल यादव भी बिहार में भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं.

Loksabha Election 2019, इस बार लालू परिवार से सिर्फ बेटी लोकसभा उम्मीदवार, एक और ‘भाई’ बिगाड़ सकता है खेल
तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के अलावा मीसा भारती भी राजनीति में सक्रिय हैं.

भाई वीरेंद्र पर मिली तरजीह
इस बार राजनीतिक हालात अलग हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र आरजेडी के स्वाभाविक उम्मीदवार माने जा रहे थे. यहां तक कि उन्होंने क्षेत्र में प्रचार भी शुरू कर दिया था.

दूसरी ओर, मीसा भारती संसद के ऊपरी सदन में पहले से हैं. ऐसे में भाई वीरेंद्र अगर नाराज हुए या सक्रिय नहीं हुए तो यादव वोट पूरी तरह रामकृपाल के खाते में जा सकता है. ये मीसा के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है.

मुकाबला होगा कड़ा
लोकसभा चुनाव 2014 में भी मीसा और राम कृपाल का आमना-सामना हुआ था. मीसा ये मुकाबला हार गई थीं. 2014 में राम कृपाल यादव को 3,83,262 वोट मिले थे. मीसा के खाते में 3,42,940 वोट आए थे. इस प्रकार से राम कृपाल 40 हजार से कुछ अधिक वोटों से चुनाव जीत गए थे.

इस आंकड़े को देखते हुए कहा जा सकता है कि 2019 में भी मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है. चूंकि मीसा इस बार लालू परिवार की इकलौती उम्मीदवार हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि मीसा को जीताने के लिए पार्टी कुछ ज्यादा ही जोर-शोर लगाएगी.

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तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के साथ मीसा भारती की तस्वीर.

पाटलिपुत्र यादव बहुल लोकसभा सीट है. एनडीए और महागठबंधन दोनों ने ही यहां से यादव उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि यादव मतदाताओं का झुकाव किस उम्मीदवार की ओर ज्यादा होगा. मीसा महिला मतदाताओं को लुभाने में भी कामयाब हो सकती हैं.

अगर मीसा ये चुनाव हार जाती हैं तो 17वीं लोकसभा में भी लालू परिवार का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा. मालूम हो कि 2014 में राजद ने 4 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. यानी कि राजद के चार सांसद चुनकर संसद पहुंचे थे.

सारण से राबड़ी देवी नहीं लड़ेंगी चुनाव
लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी फिलहाल बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं. वो तीन बार राज्य की मुख्यंत्री चुनी जा चुकी हैं. लिस्ट जारी होने से पहले ऐसी खबरें आ रही थीं कि राबड़ी सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. लेकिन अंत में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया.

मालूम हो कि 2014 में सारण से ही राबड़ी ने लोकसभा चुनाव लड़ा था. लेकिन वो भाजपा उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी से हार गई थीं. सारण से इस बार लालू के समधी चंद्रिका राय को राजद उम्मीदवार बनाया गया है.

गौरतलब है कि सारण ही वो लोकसभा सीट है जहां से लालू प्रसाद अपना पहला चुनाव जीतकर सांसद बने थे. लालू ने 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव यहां से जीते थे.

लालू यादव नहीं लड़ सकते चुनाव
लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में दोषी करार हैं. इलेक्शन कमीशन उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य बता चुका है. अब लालू के कभी चुनाव लड़ने की संभावना न के बराबर है. फिलहाल वो रांची की एक जेल में बंद हैं.

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लालू प्रसाद यादव के समर्थक अभी भी पार्टी के साथ हैं.

तेजस्वी सीएम नीतीश को देंगे टक्कर
लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. जानकारों के मुताबिक, तेजस्वी का पूरा ध्यान विधानसभा चुनावों को लेकर ही है. माना जा रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव में तेजस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कड़ी टक्कर दे सकते हैं.

तेज प्रताप लड़ेंगे लोकसभा चुनाव?
दूसरी तरफ, लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों पार्टी से काफी ख़फ़ा चल रहे हैं. उन्होंने गुरुवार को आरजेडी छात्रसंघ संरक्षक के पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि तेज प्रताप सारण सीट से चंद्रिका राय के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है.