मोदी-शाह ने तय किये मंत्रियों के नाम, जानें कौन हो सकते हैं शामिल-सहयोगी के खातों में कितनी सीटें

अरुण जेटली की ख़राब सेहत को देखते हुए वित्त मंत्रालय में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. इसके अलावा एक बार फिर से पुराने मंत्रियों को दोहराने की बात भी कही जा रही है.
Modi Cabinet possible list, मोदी-शाह ने तय किये मंत्रियों के नाम, जानें कौन हो सकते हैं शामिल-सहयोगी के खातों में कितनी सीटें


नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को मिली विशाल जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर है कि इस बार किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा और किसे नहीं?

मंगलवार को इसी मुद्दे को सुलझाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 5 घंटे तक बैठक की.

बीजेपी के अंदर एक वर्ग का मानना है कि अमित शाह इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं वहीं अन्य वर्ग का तर्क है कि शाह अगर मंत्रीमंडल में शामिल होंगे तो पार्टी पर पकड़ कमज़ोर होगी.

आने वाले समय में दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाला है और ऐसे में अमित शाह का फोकस पार्टी पर बनाए रखना काफी ज़रूरी है. हालांकि, शाह ने इस मुद्दे पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की नई कैबिनेट में जनता दल (यूनाइटेड) से 2, शिवसेना से एक, शिरोमणि अकाली दल से एक, अपना दल और AIADMK से 1-1 को स्थान दिया जा सकता है.

इनमें नीतीश कुमार के क़रीबी सांसद लल्लन सिंह और संतोष कुमार कुशवाहा के नाम की चर्चा ज़ोरों पर है. हालांकि पहले आरसीपी सिंह का नाम भी रेस में बताया जा रहा था लेकिन बीजेपी ने अपने सभी सहयोगी दलों से स्पष्ट कर दिया है कि वो सभी पार्टियों से एक नेता को ही मंत्रिमंडल में शामिल कर सकते हैं. 

जिसके बाद नीतीश कुमार लगातार दिल्ली में रुके रहे और बीजेपी से बात कर अपने दो क़रीबियों को मंत्रीमंडल में भेजने का रास्ता साफ़ कर लिया है.

इसके अलावा राम विलास पासवान को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात कही जा रही है. हालांकि रामविलास पासवान पहले अपने बेटे चिराग़ पासवान को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात कह रहे थे और इसी वजह से वो इस बार लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़े. लेकिन फ़िलहाल पासवान के इस उम्मीद पर पानी फिरती दिखाई दे रही है.

लोजपा (लोक जनशक्ति पार्टी) ने 6 लोकसभा सीटें जीती हैं. पासवान पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं.

इनके नाम लगभग तय

हरसिमरत कौर बादल- शिरोमणि अकाली दल… पहले सुखबीर बादल को भी मंत्री बनाने की बात कही जा रही थी लेकिन अब सिर्फ हरसिमरत कौर के नाम पर सहमति बन गई है.
अरविंद सावंत- शिवसेना
रामविलास पासवान- एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी)
अनुप्रिया पटेल- अपना दल

इस बार चूंकि पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भी बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर रहा है इसलिए इन दोनों राज्यों के पार्टी नेताओं को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है.

जहां तक बदलाव की बात है तो अरुण जेटली की ख़राब सेहत को देखते हुए वित्त मंत्रालय में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. इसके अलावा एक बार फिर से पुराने मंत्रियों को दोहराने की बात भी कही जा रही है.

नए मंत्रिमंडल में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर और प्रकाश जावड़ेकर जैसे पुराने चेहरे बने रह सकते हैं.

बता दें कि पीएम मोदी 30 मई को नए कार्यकाल के लिए शपथ लेंगे. गुरुवार शाम होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में BIMSTEC देश शामिल होंगे. इन देशों में बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं. विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी देशों ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है.

वहीं शपथ ग्रहण समारोह में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के भी शामिल होने की संभावना है. समारोह में तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव भी शामिल होंगे.

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