PM मोदी ने साधा रॉबर्ट वाड्रा पर निशाना, कहा- अगले पांच साल में जेल के अंदर होंगे नामदार

पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में कहा कि किसानों को लूटने वालों को ये चौकीदार कोर्ट तक ले गया है.

नई दिल्ली: हरियाणा के फतेहाबाद में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान पीएम मोदी ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि, ‘ये लोग पहले मानते थे कि हम शहंशाह हैं. मैं ऐसे लोगों को जेल के दरवाजे तक ले गया हूं, आने वाले पांच साल में इन्हें अंदर तक कर दूंगा.’

जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘किसानों को लूटने वालों को ये चौकीदार कोर्ट तक ले गया है. आज वह जमानत के लिए चक्कर काट रहे हैं, ईडी के दफ्तर में जूते घिस रहे हैं. ये लोग पहले मानते थे कि हम शहंशाह हैं. मैं ऐसे लोगों को जेल के दरवाजे तक ले गया हूं, आने वाले पांच साल में इन्हें अंदर तक कर दूंगा.’

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पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘भारत माता की जय बोलने पर ऐतराज जताने वाली कांग्रेस अब देशद्रोह का कानून हटाने की भी बात कह रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कह रही है कि अगर दिल्ली में उसकी सरकार बनी तो, जम्मू-कश्मीर समेत जो हिंसा वाले इलाके हैं, वहां तैनात सैनिकों से, उनका विशेष अधिकार छीन लिया जाएगा. यानि जो पत्थरबाज है, जो आतंकवाद के समर्थक हैं, उनको खुली छूट देने का सार्वजनिक रूप से बोल रही है.’

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने आपसे वादा किया था कि वो वन रैंक वन पेंशन लागू करेगी.ये वादा करते-करते उसने चार दशक निकाल दिए.जब आपने दबाव बनाया तो 2013-14 में चुनाव के पहले सिर्फ 500 करोड़ रखकर, कांग्रेस ने झूठ बोला कि वन रैंक वन पेंशन लागू कर दी है. ये आपसे कितना बड़ा धोखा था.

पीएम मोदी ने जनसभा के दौरान कहा कि भाजपा की सरकार जवान और किसान के सम्मान के लिए समर्पित है.किसानों के हक के लिए आवाज़ उठाने वाले, भारत की कृषि नीति पर अपनी छाप छोड़ने वाले ‘सर छोटूराम’ जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मुझे कुछ महीने पहले ही मिला था.

रॉबर्ट वाड्रा ने किया पलटवार

अपने ऊपर कसे गए तंज पर जवाब देते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि, ‘आदरणीय, प्रधानमंत्री जी! मैं आपकी रैली में फिर से अपना नाम सुनकर चौंक गया हूं. गरीबी, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण आदि जैसे ज्वलंत मुद्दे हैं जो आपको उठाने चाहिए, लेकिन आप मेरे बारे में ही बोलना पसंद करते हैं. मैं पिछले 5 वर्षों से पूर्ण उत्पीड़ित हूं. मानसिक रूप से मुझ पर दबाव डालने के लिए एजेंसियों से अथक नोटिस दीए जाते हैं. मैंने सभी आदेशों का पालन किया, लेकिन एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है. मुझे आश्चर्य है कि मेरे नाम का बार-बार चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है, अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए.’