‘युद्धपोत INS विराट को टैक्सी बना दिया’, जानिए पीएम मोदी ने राजीव गांधी के किस टूर की बात कही

पीएम मोदी गांधी परिवार पर आरोप लगाया कि ये परिवार छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के पांच चरणों का मतदान हो चुका है. छठे चरण के लिए रविवार को मतदान किया जाएगा. सियासत अपने पूरे चरम पर पहुंच गई है. आरोप-प्रत्यारोपों के बीच पीएम मोदी ने बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान से गांधी परिवार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 1987 में राजीव गांधी जो कि तत्कालीन प्रधानमंत्री थे, उस समय वे 10 दिन की छुट्टी मनाने के लिए एक खास द्वीप पर गए थे.

पीएम मोदी ने गांधी परिवार पर आरोप लगाया कि ये परिवार छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था. पीएम मोदी ने उस द्वीप का नाम नहीं बताया, लेकिन पीएम मोदी के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया. जिसमें इंडिया टुडे का एक आर्टिकल अटैच था. इस आर्टिकल में गांधी परिवार के पूरे ट्रिप के बारे में विस्तृत वर्णन किया गया था.

बेहद खूबसूरत द्वीप गए थे छुट्टी मनाने
इस आर्टिकल के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1987 में नए साल का जश्न मनाने के लिए अपने पूरे परिवार और खास मित्रों के साथ एक बेहद खूबसूरत द्वीप गए थे. राजीव गांधी के मित्रों में अमिताभ बच्चन और उनका परिवार भी शामिल था.

बंगाराम द्वीप गए थे छुट्टियां बिताने
दक्षिण भारत में कोचीन से 465 किलोमीटर पश्चिम की ओर लक्षद्वीप के पास स्थित एक बेहद खूबसूरत आईलैंड है, जिसका नाम बंगाराम है. यह पूरा द्वीप निर्जन है. 0.5 स्क्वायर किलोमीटर एरिया में फैले इस द्वीप का चयन भी सोच-समझकर किया गया था. यहां विदेशी नागरिकों के आने पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है. लक्षद्वीप के तत्कालीन पुलिस चीफ पीएन अग्रवाल का कहना था कि ये बंगाराम द्वीप बेहद सुरक्षित और दुनिया से एक तरह से कटा हुआ इलाका है. इस इलाके की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह बेहद सुरक्षित है.

गोपनीय था ये पूरा प्लान
गांधी परिवार ने अपने इस दौरे को बेहत गोपनीय रखा था. मीडिया से इस गोपनीय दौरे को छुपाने के लिए पूरे प्रयास किए गए फिर भी मीडिया को इसकी जानकारी हो गई. मीडिया को इसकी जानकारी तब हुई जब राहुल गांधी ने अपने चार दोस्तों के साथ लक्षद्वीप प्रशासन के नारंगी और सफेद रंग के एक हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी.

राहुल गांधी का ग्रुप पहला था
गांधी परिवार के साथ इस जश्न में शामिल होने के लिए अलग-अलग कई समूहों में लोग इस द्वीप पर पहुंचे थे, जिनमें राहुल गांधी का ग्रुप पहला था. सरकार ने इस राजीव गांधी की छुट्टी की प्राइवेसी को पूरी तरह बनाए रखने के लिए समुद्री और हवाई दोनों ही मार्गों से निगरानी की थी.

सोनिया गांधी की मां भी थीं शामिल
राजीव गांधी की इस छुट्टी में देश-विदेश की महान हस्तियां शामिल थी. इस कारण उनका ये बेहद प्राइवेट दौरा सार्वजनिक हो गया. राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गांधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, सोनिया की मां आर माइनो, उनके भाई और मामा शामिल थे. ये तो थे गांधी परिवार के रिश्तेदार.

अमिताभ बच्चन और तीन बच्चे थे शामिल
इस दौरे में राजीव गांधी के बेहद खास दोस्त अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और तीन बच्चे भी शामिल थे. तीन बच्चों में अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी भी शामिल थीं. जो कि ‘फेरा’ का उल्लंघन करने के मामले में फंसी थीं. इसके अलावा एक और परिवार इस टूर में शामिल था, जिनका नाम बिजेंद्र सिंह था. बिजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुन सिंह के भाई थे. इसके अलावा दो विदेशी मेहमान भी इस आलीशान पार्टी में शामिल थे.

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राजीव और सोनिया 30 दिसंबर को ही पहुंच गए थे
राजीव और सोनिया 30 दिसंबर की दोपहर में ही इस खूबसूरत द्वीप पर छुट्टी मनाने पहुंच गए थे, जबकि अमिताभ बच्चन एक दिन के बाद यहां कोचीन-कावारत्ती हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे. जया बच्चन चार दिन पहले प्रियंका और अपने बच्चों के साथ पहुंची थीं.

अमिनाभ बच्चन के पहुंचने की खबर भी छिपाई गई
बंगाराम द्वीप पर अमिताभ बच्चन के आने की खबर को भी छिपाने की कोशिश की गई थी, लेकिन 31 दिसंबर को बंगाराम से कुछ दूरी पर स्थित एक अन्य आईलैंड कावारत्ती पर अमिताभ के हेलिकॉप्टर को ईंधन भराने के लिए उतरना पड़ा. इसमें 50 मिनट लगे. इसके बाद ये बात जगजाहिर हो गई.

भड़क गए थे बिगबी
इस दौरान इंडियन एक्सप्रेस के एक फोटोग्राफर ने बच्चन साहब की तस्वीर खींच ली थी. अमिताभ बच्चन ने इसका विरोध किया था और खबरों के मुताबिक फोटोग्राफर के साथ उनकी नोंक-झोक भी हुई थी. लेकिन तब तक फोटोग्राफर अपना काम कर चुका था.