राबड़ी पर प्रशांत किशोर का पलटवार, कहा- लुटेरे न करें सच्चाई की रक्षा करने का दावा

राबड़ी देवी ने दावा किया था कि प्रशांत किशोर अपने आका नीतीश कुमार का संदेश ला रहे थे लेकिन लालू इसके लिए तैयार नहीं थे.

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता राबड़ी देवी के आरोपों के बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर निशाना साधा है. प्रशांत किशोर ने अपने  ट्वीट में लिखा, “सार्वजनिक कार्यालय के गलते तरीके से इस्तेमाल और धन के दुरुपयोग के आरोपों में दोषी पाए गए लोग सच्चाई के संरक्षक होने का दावा कर रहे हैं. लालू जी जब चाहें, मेरे साथ मीडिया के सामने बैठ जाएं. सबको पता चल जाएगा कि मेरे और उनके बीच क्या बात हुई और किसने किसको क्या ऑफर दिया.”

बता दें कि प्रशांत किशोर का बयान राबड़ी देवी के उस सनसनीखेज आरोप के बाद आया है, जिसमें राबड़ी ने कहा था कि नीतीश कुमार ने अपने चहेते प्रशांत किशोर को लालू यादव के पास बड़े प्रस्ताव के साथ भेजा था. राबड़ी के मुताबिक प्रशांत किशोर ने प्रस्ताव दिया था कि नीतीश कुमार आरजेडी में जेडीयू के विलय के लिए तैयार हैं और दोनों दलों को प्रधानमंत्री का साझा उम्मीदवार तय करना चाहिए.

राबड़ी ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, अगर प्रशांत किशोर कहते हैं कि वो लालू जी से नहीं मिले तो सरासर झूठ बोल रहे हैं. वो कहती हैं,  जब वो मिलने आए तो मुझे काफी गुस्सा आ गया. जिस तरह नीतीश कुमार ने 26 जुलाई 2017 को अचानक आरजेडी से नाता तोड़ कर धोखा दिया था उसके बाद उन पर भरोसा किया ही नहीं जा सकता.

राबड़ी ने कहा, “मैंने उन्हें (प्रशांत किशोर) को विदा कर दिया. राबड़ी ने कहा, इस बात के सब गवाह हैं. वो कम से कम पांच बार तो 10 सर्कुलर रोड स्थित मेरे आवास पर आए. एक दो बार पांच, देशरत्न मार्ग पर भी आए जो नीतीश के साथ डिप्टी सीएम रहे तेजस्वी यादव का आवास हुआ करता था. मेरे सारे गार्ड और स्टाफ इसके गवाह हैं. वो कोई रात के अंधेरे में छिप कर नहीं आते थे. दिन के उजाले में आते थे.”

राबड़ी देवी का दावा है कि प्रशांत किशोर अपने आका नीतीश कुमार का संदेश ला रहे थे लेकिन लालू इसके लिए तैयार नहीं थे.

इससे पहले लालू यादव ने भी ट्वीट कर दावा  किया था कि प्रशांत किशोर उनसे मिलने आए थे. प्रशांत किशोर ने जवाबी ट्वीट में ये माना था कि जेडीयू ज्वाइन करने से पहले उनकी मुलाकात हुई थी लेकिन नीतीश की ओर से किसी राजनीतिक प्रस्ताव ले जाने की बात को उन्होंने सिरे से खारिज किया था.

किशोर ने ट्वीट में कहा कि जो बातें मुलाकात के दौरान हुई उसे सार्वजनिक कर दिया जाए तो लालू को शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी.