पीएम मोदी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘आप सभी का धन्यवाद करने आया हूं’

पांच सालों में ऐसा पहली बार हो रहा था कि पीएम मोदी प्रेस वार्ता में पहुंचे थे. हालांकि उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब नहीं दिए.
पीएम मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस, पीएम मोदी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘आप सभी का धन्यवाद करने आया हूं’

नई दिल्ली: शुक्रवार दोपहर बीजेपी हेड क्वार्टर में भाजपा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. पत्रकारों को सूचना तो पहुंची थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ही प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे लेकिन उनके साथ में पहुंचे पीएम मोदी. पांच सालों में ऐसा पहली बार हो रहा था कि पीएम मोदी प्रेस वार्ता में पहुंचे थे. हालांकि उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब नहीं दिए.

पीएम मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अहम बिंदु

1- ऐसा पहली बार होगा जब पूर्ण बहुमत वाली सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत से काबिज होने जा रही है.
2- पांच साल में देश ने जो मेरा साथ दिया उसको धन्यवाद दिया.
3- मैं मानता हूं कि कुछ बातें हम गर्व के साथ दुनिया से कह सकते हैं. ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, ये लोकत्रंत की ताकत दुनिया के सामने ले जाना हम सबका दायित्व है.
4- हमें विश्व को प्रभावित करना चाहिए कि हमारा लोकतंत्र कितनी विविधताओं से भरा है.
5- चुनाव शानदार रहा, एक सकारात्मक भाव से चुनाव हुआ. पूर्ण बहुमत वाली सरकार पांच साल पूरे करके दोबारा जीतकर आए ये शायद देश में बहुत लंबे अर्से के बाद हो रहा है. ये अपने आप में बड़ी बात है.
6- मैंने अपना चुनावी प्रचार शुरु किया मेरठ से जहां 1857 क्रांति की शुरु हुई और खत्म किया मध्यप्रदेश में जहां का एक आदिवासी भीमानायक उस क्रांति में शामिल हुआ था.
7- हमने बूथ और शक्ति केंद्रों की रचना के साथ जितने चुनाव आए लगभग सभी में हमने सफलता प्राप्त की. 2014 में हमारे पास 6 सरकारें थीं आज हमारे पास 16 सरकारें हैं. जब मैं चुनाव के लिए निकला और मन बनाकर निकला था और अपने को उसी धार पर रखा.
8- मैंने देशवासियों को कहा था कि 5 साल मुझे देश ने जो आशीर्वाद दिया उसके लिए मैं धन्यवाद देने आया हूं. अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन देश साथ रहा. मेरे लिए चुनाव जनता को धन्यवाद ज्ञापन था.
9- 16 मई को पिछली बार रिजल्ट आया था और 17 मई को एक दुर्घटना हुई थी, 17 मई को सट्टाखोरों को मोदी की हाजिरी का बड़ा नुकसान हुआ था. सट्टा लगाने वाले तब सब डूब गये थे, यानी ईमानदारी की शुरुआत 17 मई को हो गई थी.
10- नई सरकार बनना जनता ने तय कर लिया है. हमने संकल्प पत्र में देश को आगे ले जाने के लिए कई बातें कही हैं. जितना जल्दी होगा, उतना जल्दी नई सरकार अपना कार्यभार लेगी. एक के बाद एक करके निर्णय हम लेंगे.

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