‘वो करें तो प्‍यार, हम करें तो रेप’, बीजेपी को लेकर ये क्‍या बोल गए राज ठाकरे

राज ठाकर ने टीवी9 भारतवर्ष से एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू में कहा कि 'देश में दो लोग (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह) इस राजनीति से हटने चाहिए."

महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने टीवी9 भारतवर्ष को दिए एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह पर जोरदार हमला किया है. उन्‍होंने कहा कि ‘इन दोनों को राजनीति से हटना चाहिए.’ ठाकरे ने कहा कि उनकी चुनावी रैलियों पर जो खर्च हो रहा है, उसे किसी पार्टी के खाते में डालने की जरूरत नहीं है.

टीवी9 भारतवर्ष पर टीवी9 मराठी के मैनेजिंग एडिटर रोहित विश्‍वकर्मा से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत में ठाकरे ने कहा कि “मैं जो रैली कर रहा हूं, वो देश के लोगों के लिए कर रहा हूं. किसी राजनैतिक पार्टी के लिए नहीं कर रहा हूं. मेरी रैली पर जो खर्च हो रहा है, उसे कांग्रेस-एनसीपी के खाते में डालने का कोई संबंध ही नहीं है. मैं अपनी रैलियों में किसी उम्‍मीदवार का समर्थन नहीं कर रहा हूं. मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि देश में इन दो लोगों (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह) का जो संकट है, वो दो लोग इस राजनीति से हटने चाहिए.”

टीवी9 भारतवर्ष के सवाल और राज ठाकरे के जवाब:

टीवी9 भारतवर्ष: ऐसे आरोप लग रहे हैं कि राज ठाकरे जो कर रहे हैं, इसका नुकसान बीजेपी और शिवसेना को होगा लेकिन फायदा होगा कांग्रेस-एनसीपी को?

राज ठाकरे: अगर मेरे कैंपेन का फायदा कांग्रेस-एनसीपी को होता है तो होने दो. मेरे भाषण की जो क्लिप्‍स हैं जो देश के अलग-अलग राज्‍यों में लोग दिखा रहे हैं. वहां की पार्टियों को अगर मेरे भाषण से फायदा हो रहा है तो होने दो. मेरा जो मकसद है कि ये दो लोग (मोदी-शाह) हैं, इनको हटाओ. पिछले साल हुई रैली में मैंने कहा था कि सारी पार्टियों को इनके खिलाफ एक साथ आना चाहिए.

टीवी9 भारतवर्ष: आप जैसा कह रहे हैं कि इनको हराना है, चाहे तो जीते. चुनाव आयोग की यही तो शिकायत है कि अप्रत्‍यक्ष फायदा हो रहा है? आपने चुनाव आयोग को फंसा दिया है.

राज ठाकरे: चुनाव आयोग यही देखता है कि मैं किसी पार्टी, कैंड‍िडेट या सिंबल का प्रचार कर रहा हूं या नहीं. अप्रत्‍यक्ष फायदा होने दो.

टीवी9 भारतवर्ष: क्‍या आपको लगता है कि 2014 से पहले आपसे इंसान परखने में गलती हो गई थी? (प्रधानमंत्री मोदी के संबंध में)

राज ठाकरे: बिल्‍कुल. यह सिर्फ मेरी बात नहीं है. पूरे देश की बात है. पूरा देश इन्‍हें परखने में गलती कर गया. लगा था कि भाई ये कुछ अच्‍छा काम करेगा, मगर जब प्रधानमंत्री बने तो आदमी ही बदल गया. जो सपने दिखाए थे, जो बातें कर रहे थे, प्रधानमंत्री बनने के बाद तो वो बात ही नहीं कर रहे. आज इलेक्‍शन चालू हैं. आए थे तो कहा था कि ‘अच्‍छे दिन’ लाएंगे. हर साल दो करोड़ नौकरियां देंगे. बहुत सारे वादे किए थे. आज पांच साल के बाद ये कह रहे हैं कि पुलवामा में जो शहीद हुए हैं, उन वोट दो. क्‍यों? मेक इन इंडिया के ऊपर क्‍यों नहीं वोट दो? नोटबंदी, जीएसटी पर क्‍यों नहीं वोट मांग रहे?

टीवी9 भारतवर्ष: प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसानों के नाम पर वोट मांग सकते हैं तो सैनिकों के नाम पर क्‍यों नहीं?

राज ठाकरे: ये कितनी गंदी राजनीति है. ये तो मैंने ही दिखाया है. एक प्रधानमंत्री बोल रहा है कि मैं जवानों पर राजनीति क्‍यों न करूं? सीबीआई में प्रॉब्‍लम, आरबीआई में गवर्नर इस्‍तीफा देकर चला गया.

टीवी9 भारतवर्ष: मोदी सरकार कहती है कि उसने पुलवामा हमले का बदला ले लिया. उसे आप कैसे देखते हैं? आप सबूत मांग रहे हैं? अगर हां तो बीजेपी की नजर में आप देशद्रोही हो जाएंगे.

राज ठाकरे: बिल्‍कुल. क्‍या लिया बदला, वो तो बताइए. अरे वो कौन होते हैं किसी को सर्टिफिकेट देने वाले. हम आपसे (मोदी सरकार) सबूत मांग रहे हैं. अगर पायलट वहां पर गए और एयरफोर्स चीफ आकर बता रहे हैं कि हमें नहीं मालूम कितने लोग मरे हैं. सुबह अमित शाह बोल रहा है कि 250 लोग मारे गए, इनको कैसे पता चला? ये सारा सबकुछ होने के बाद आज आप (बीजेपी) उन्‍हीं जवानों के नाम पर वोट मांग रहे हैं? पुलवामा में पहले ऐसा कैसे हुआ, ये बताइए. जबकि इंटेल‍िजेंस ने नोटिस भेजा था कि इस तरह का धमाका हो सकता है. रोड क्लियर करने, सैनिकों को एयर ट्रांसपोर्ट देने की मांग की गई थी, इसके बावजूद उनको (सीआरपीएफ जवानों) को उस रोड से भेजा गया. क्‍यों? ये सवाल नहीं पूछेंगे हम लोग? इस देश की सेना पर हमें गर्व है. ये बात उसकी नहीं है, उसके नाम पर राजनीति करने वाले लोगों से हम बात कर रहे हैं. बोल रहे हैं कि पाकिस्‍तान का एक एयरक्राफ्ट गिराया. अमेरिका से न्‍यूज आई है कि उन्‍होंने देखा कि जितने एयरक्राफ्ट भेजे थे, उतने मौजूद हैं. इसके जवाब क्‍यों नहीं दे रहे?

टीवी9 भारतवर्ष: अमेरिका ने उस रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया था. वह रिपोर्ट किसी पत्रकार की ओर से आई थी?

राज ठाकरे: उन्‍होंने (बीजेपी) दावा किया था वहां (बालाकोट) जैश-ए-मोहम्‍मद का कैंप हमने उड़ा दिया. उसके बाद दुनियाभर के रिपोर्टर्स वहां से होकर आए, उन्‍होंने देखा कि वहां पर सब मौजूद है.

टीवी9 भारतवर्ष: बीजेपी यह सवाल करती है कि आप पाकिस्‍तान के दिए सबूतों पर विश्‍वास करेंगे या हमारे दिए सबूतों पर?

राज ठाकरे: हमें हमारी एयरफोर्स, आर्मी पर विश्‍वास है. वो कुछ नहीं कह रहे हैं, ये (बीजेपी) सिर्फ कह रहे हैं. एयरफोर्स के चीफ आकर बता रहे हैं कि हमें नहीं पता कि कितने लोग मरे तो मोदी और शाह क्‍यों बोल रहे हैं? इनकी पार्टी क्‍यों बोल रही है? इसका इस्‍तेमाल क्‍यों कर रहे हैं? भाषण करते वक्‍त आप पीछे उन जवानों की तस्‍वीरें क्‍यों लगा रहे हैं?

टीवी9 भारतवर्ष: आप जो आरोप लगा रहे हैं तो चुनाव आयोग कार्रवाई क्‍यों नहीं करता? अभी तो उन्‍होंने योगी पर एक्‍शन लिया.

राज ठाकरे: इलेक्‍शन कमीशन उनकी जेब में हैं. उन्‍हीं के लोग बिठा दिए हैं. (योगी पर एक्‍शन) दिखाने के लिए सारी चीजें होती हैं. हमें समझ में नहीं आता क्‍या?

टीवी9 भारतवर्ष: आप जब रैली करते हैं तो आप प्रधानमंत्री मोदी के लिए कठोर शब्‍दों का प्रयोग करते हैं. क्‍या आपको लगता है कि प्रधानमंत्री पद के लिए नहीं होना चाहिए?

राज ठाकरे: प्रधानमंत्री के पद पर जो आदमी बैठा है, उसे प्रधानमंत्री पद की हैसियत के हिसाब से काम करना चाहिए.

टीवी9 भारतवर्ष: प्रधानमंत्री को ‘चोर’ बोलना सही है?

राज ठाकरे: अनिल अंबानी को उन्‍होंने क्‍यों राफेल का कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिया, वो तो बताइए. अगर आपको काला धन बाहर निकालना है तो नोटबंदी के बाद बीजेपी इतना पैसा आया कहां से, इसका जवाब दीजिए. ये अमित शाह के बेटे की जो बात बाहर आई थी, उसके बाद क्‍या हुआ? कांग्रेस की कौन से विधवा के खाते में पैसा चला गया, ये भाषा चलती है प्रधानमंत्री को? आप प्रधानमंत्री हैं न, तो जिस पद पर आप बैठे हैं, आपका बर्ताव भी वैसा ही होना चाहिए. एक छोटी बच्‍ची को मंच पर लेकर आते हैं कि बोलो बेटा क्‍या है और वो बच्‍ची बोलती है कि ‘राहुल गांधी पप्‍पू है.’ डिजिटल प्‍लैटफॉर्म पर फर्जी बातें फैलाने की शुरुआत तो बीजेपी ने की, ये अभी उन्‍हीं के ऊपर आ रहा है.

टीवी9 भारतवर्ष: आप राहुल गांधी के नारे ‘चौकीदार चोर है’ का समर्थन करते हैं?

राज ठाकरे: क्‍यों नहीं? उसमें गलत क्‍या है? ऐसी बातें तो बीजेपी ने कितनी बार की हैं. वो करें तो प्‍यार, हम करें तो रेप. बीजेपी की लाइन है पार्टी विद डिफरेंस, उन्‍होंने क्‍या डिफरेंस दिखाया? इनका एक मंत्री या एमपी बोलता है कि ‘ये साले किसान समझते क्‍या हैं?’ साले किसान? मैं उनके स्‍टेटमेंट निकालकर दिखाऊं. अभी जेल से बाहर आईं प्रज्ञा ठाकुर कह रहीं हैं कि मेरे श्राप से शहीद हेमंत करकरे मर गए. जिस आदमी को टेररिस्‍ट ने मारा… और उस बात का नरेंद्र मोदी समर्थन करते हैं.”

टीवी9 भारतवर्ष: बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान की निंदा नहीं की. मांग उठी थी कि क्‍या ऐसे उम्‍मीदवार का टिकट रद्द होना चाहिए?

राज ठाकरे: अभी इलेक्‍शन कमीशन क्‍या कर रहा है? इलेक्‍शन कमीशन उस औरत को इलेक्‍शन लड़ने की इजाजत क्‍यों दे रहा है? शहीदों के बारे में बीजेपी कैंडिडेट ऐसी बात कर रही है और इलेक्‍शन कमीशन क्‍या कर रहा है? अगर ये कोई दूसरा करता तो क्‍या होता? इलेक्‍शन कमीशन रखा क्‍यों है? इस तरह की बातें होने के बाद अगर इलेक्‍शन कमीशन कुछ नहीं कर रहा है तो हम लोग क्‍या समझें? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका (प्रज्ञा) समर्थन करते हैं, इसका मतलब क्‍या है? जिस पुलिस अ‍फसर को पाकिस्‍तान से आए टेररिस्‍ट्स ने मारा है, उस औरत के बयान का नरेंद्र मोदी समर्थन कर रहे हैं? जो मन में बात है, वो बाहर आ गई. पहले मालूम नहीं था हेमंत करकरे कैसे शहीद हुए? मुझे अभी एक आदमी ने बहुत कमाल का उदाहरण दिया. उन्‍होंने कहा कि ये कैसी बात हुई कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक आदमी को ड्राइवर की नौकरी मिल गई और उसके बाद वह गाड़ी (चलाना) सीख रहा था.

टीवी9 भारतवर्ष: मोदी सरकार की नीयत पर भी आपको शक है? राहुल (गांधी) कहते हैं कि इन्‍होंने करप्‍शन किया है?

राज ठाकरे: करप्‍शन तो किया ही है. नोटबंदी को लेकर इनकी नीयत गलत ही थी. नोटबंदी की जब भी इंक्‍वायरी होगी, 1947 के बाद का यह सबसे बड़ा स्‍कैम (घोटाला) निकलेगा इस देश का. आज बीजेपी के पास इलेक्‍शन के लिए इतने पैसे आए कहां से? ये मेरे से बोल रहे हैं कि रैली का खर्चा दिखाओ. मैं खर्चा दिखाता हूं, आपके पास जितने पैसे आए हैं, वो आए कहां से?

टीवी9 भारतवर्ष: बीजेपी इलेक्‍टोरल बांड से चंदा मिलने की बात कहती है. चुनाव आयोग इलेक्‍टोरल बांड को अच्‍छा नहीं मानता. क्‍या आप इलेक्‍टोरल बांड के पक्ष में हैं? क्‍या आपकी पार्टी इसके जरिए चंदा लेगी? क्‍या आप उसकी घोषणा करेंगे?

राज ठाकरे: कोई कंपनी आपको इतना पैसा देगी तो फोकट में थोड़े देगी. इलेक्‍टोरल बांड से पैसे तो लूंगा. जब राजनैतिक पार्टियां चलती हैं तो पैसे तो लगते हीं हैं. बीजेपी ने अभी दूसरी पार्टियों के इतने लोगों को लिया है, कहां कार्ड स्‍वाइप किया है? पैसे दिए. जब बदबू या सुगंध आती है तो वो दिखती नहीं, लेकिन उसमें कुछ होता तो है ही. मैं कैश में चंदा लेने को तैयार हूं. ये तो होता ही है.

टीवी9 भारतवर्ष: आपने बड़ी स्‍पष्‍टता से यह बात कही.

राज ठाकरे: हर एक को मालूम रहता है, कोई बोलता नहीं. एक बात बताता हूं, कोई छोटा चुनाव था एमएलए का शायद. एक पार्टी के नेता से मैं बोला क्‍या हुआ, आपका कैंडिडेट तो जीत गया. उसने जवाब दिया कि मैंने 90 करोड़ रुपये खर्चा किए और उसने (विपक्षी) 80 करोड़ रुपये खर्चा किया. 90 करोड़? 80 करोड़? इन कॉर्पोरेटर्स को बांटने के लिए? ये सारी चीजें सबके सामने होती हैं, बोलता कोई नहीं.

टीवी9 भारतवर्ष: क्‍या ये सही है? होना चाहिए?

राज ठाकरे: ऐसे ही होता आया है इस देश में. करना ही पड़ता है वैसे. आपको मैं एक बात बताता हूं. इलेक्‍शन के वक्‍त कैंपेनिंग के दौरान कॉलोनीज के पढ़े-लिखे लोग बोलते हैं ‘अच्‍छा आए हो तो हमारे यहां टाइल्‍स लगा के जाना, हमारे जो केबल चल रही है उसका एक साल का भाड़ा देके जाना. ये सब करेक्‍ट है या नहीं, वो बात अलग है. इस देश में इतनी गड़बड़ हो चुकी है, कहां से सुधरेगा? यही सुधार की अपेक्षा लोग रखते हैं जब किसी पॉलिटिकल पार्टी को लोग बहुमत देते हैं… और उसके बाद अगर वो उससे भी बुरा काम करे तो विश्‍वास किसके ऊपर रखे?

टीवी9 भारतवर्ष: क्‍या आप राहुल गांधी की तरह नरेंद्र मोदी को सामने आने पर गले लगाएंगे.

राज ठाकरे: गले क्‍या लगाना है? इसमें क्‍या…करना क्‍या होता है. मुझे इस बात का गुस्‍सा है कि लोगों ने आपके (मोदी) हाथ में सबकुछ दिया और उसके बाद आपने ये किया.