राहुल गांधी की रैली में नहीं मिला बोलने का मौका, भड़के तेज प्रताप यादव

राहुल गुरुवार को अपने एकदिवसीय बिहार के दौरे पर पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के विक्रम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे.

पटना: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मंच से बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को बोलने का मौका नहीं मिलने पर वे एक बार फिर से नाराज हो गए हैं. इस पर तेज प्रताप को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने यह तक कह दिया कि बिहार में यही सब कारण है कि कांग्रेस का अस्तित्व नहीं है.

तेज प्रताप ने कहा, “महागठबंधन को बड़ी लड़ाई लड़नी है, लेकिन जब सिपाही ही मोर्चा नहीं संभालेगा तो हम कहां से लड़ेंगे?”

राहुल गुरुवार को अपने एकदिवसीय बिहार के दौरे पर पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के विक्रम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान राहुल ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रत्याशी मीसा भारती के पक्ष में लोगों से वोट देने की अपील की.

वहीं, तेज प्रताप ने इसे लेकर बहुत ही भावुक करने वाले ट्वीट भी किया, उन्होंने लिखा, “मेरे आदरणीय पिता के अनुपस्थिति की वजह से मुझे आाज बोलने नहीं दिया गया. आई मिस यू पापा.”

तेज प्रताप ने सभा के बाद पत्रकारों से कहा, “राहुल गांधी ने खुद कहा था कि मुझे भी भाषण देना है. मैंने अपनी इच्छा से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को भी अवगत कराया, लेकिन मौका नहीं दिया गया.”

इस दौरान मंच पर राहुल गांधी के एक तरफ विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव बैठे. जनसभा को तेजस्वी यादव ने भी संबोधित किया, लेकिन तेज प्रताप को मौका नहीं मिला.

तेज प्रताप ने इसके लिए एक नेता को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि कहा, “ऐसे लोगों के कारण ही कांग्रेस का ये हाल है. ये लोग जानते हैं कि दूसरा लालू पैदा हो रहा है, इससे ये परेशान हैं.”  उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की बिहार समिति चरमराई हुई है, इसकी शिकायत वे राहुल गांधी से भी करेंगे.

तेज प्रताप मामले पर तेजस्वी यादव ने सफाई दी है. तेजस्वी ने कहा, “सब लोगों का लिस्ट में नाम तो रहता ही है. मेरे साथ जितना मंच साझा किया हर मंच पर उन्होंने बोलने का काम किया है. समय सीमा की भी बात रहती है, रोड शो करना था इसलिए मौका नहीं मिला होगा.”

तेज प्रताप पहले से ही आरजेडी के टिकट बंटवारे से नाराज हैं. जहानाबाद में उन्होंने आरजेडी के अधिकृत प्रत्याशी के मुकाबला अपने ‘लालू-राबड़ी मोर्चा’ का उम्मीदवार उतार दिया है. आरजेडी और कांग्रेस कई अन्य छोटे दलों के साथ एक महागठबंधन के तहत चुनाव मैदान में उतरे हैं.

 

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