शत्रुघ्न सिन्हा ने थामा कांग्रेस का हाथ, बीजेपी आलाकमान को क्या-क्या बोल गए शॉटगन?

कांग्रेस में शामिल होने के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी में वन मैन शो और टू मैन आर्मी हैं, जहां पर संवाद का कोई विकल्प ही नहीं है.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर बीजेपी का दामन छोड़ अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने आज आधिकारिक तौर पर कांग्रेस हाथ थाम लिया है. कांग्रेस में शामिल होने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए  शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “सबसे पहले मैं अपने नए परिवार के सभी लोगों का शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने पार्टी में आने के लिए मुझे प्रोत्साहित किया. नवरात्री के दिन कांग्रेस परिवार का हिस्सा बना हूं. आज अच्छा दिन है.” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वे पटनासाहिब से ही आगामी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.

इसके बाद बीजेपी पर हमला बोलते हुए सिन्हा ने कहा, “जहां मेरी परवरिश हुई, देश के महानायक नाना जी देशमुख ने मेरी परवरिश की और ट्रेनिंग दी, जिसके बाद मुझे अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों सौंपा. अडवाणी जी ने मार्ग दर्शन किया. बरहाल इनके ट्रेनिंग के बाद बीजेपी से ट्रेनिंग लेता हुआ, संघर्ष करता हुआ, लोकशाही का पालन करते हुए आगे बढ़ता गया, लेकिन परिवर्तन आने लगा और लोकशाही तानाशाही में बदलने लगी.”

2014 में केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया. इसका दुख जाहिर करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “मंत्री नहीं बनाया गया, क्या हमारी छवि में कोई दाग था. हमपर कभी भ्रष्टाचार का आरोप तक नहीं लगा. यहां वन मैन शो और टू मैन आर्मी पीएमओ से चलता है. मंत्री बिना पीएम की इजाजत के कोई काम नहीं करते. मंत्री इनसे डरते हैं.”

मोदी सरकार के चुनावी वादों को झूठा बताते हुए सिन्हा बोले, “जनता के खातों में 15 लाख डालने का वादा, स्मार्ट सिटी का वादा सब खोखले निकले. व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है और पार्टी से बड़ा देश होता है. मैंने हमेशा देश के हित में बात की है. हमने जो किया लोगों के लिए किया, किसानों की बात की, रोजगार की बात की, जो वादे किए उनकी बात की, लेकिन पार्टी ने हमारी नहीं सुनी. हमने संवाद की कोशिश की. यशवंत सिन्हा जी ने संवाद करने की कोशिश की तो उन्हें समय नहीं दिया गया.”

इसके बाद सिन्हा ने कहा, “हमने कोशिश की तो हमसे बोला गया कि अध्यक्ष से बात कर लो. हमारी बातें सुनी नहीं गई. वहीं जो उनकी बातों पर खरा नहीं उतरता, उन्हें वे काटते जाते हैं. लाल कृष्ण अडवाणी जी ने अपने अंदर का दर्द ब्लॉग के जरिए बाहर निकाला. यहां कोई सुनने वाला नहीं है. जब समझाने की कोशिश की तो लगा बगावत कर रहा हूं. तो कह दिया अगर सच बोलना बगावत है तो हां, हम बागी हैं. वो धमकियां देते रहे. सिन्हा को निकाल दिया जाएगा, कार्रवाई करेंगे. मैं उनसे कहता था पार्टी नहीं छोड़ूंगा, लेकिन आप छोड़ना चाहें तो छोड़ सकते हैं, लेकिन वे निकाल नहीं सके. उन्होंने हरकतें ऐसी की जिसके कारण पार्टी बिखरी हुई दिखती है.”

नोटबंदी और जीएसटी पर मोदी सरकार को घेरते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “हमने नोटबंदी के खिलाफ बोला. नोटबंदी से लोग बर्बाद हो गए. जीएसटी लागू की गई. जीएसटी के कारण लोगों को नुकसान हुआ. आप अपनी मां को लाइन में लगाकर देश को क्या दिखाना चाहते हो? राहुल गांधी ने नोटबंदी को सही कहा था विश्व का सबसे बड़ा घोटाला.  वहीं जिस प्रचार पर हजारों करोड़ो खर्च कर रहे हैं अगर उतना विकास के लिए किया होता तो देश कहां पहुंच गया होता.”

बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए बिहार के शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “इस पार्टी ने लोगों की सही कदर नहीं की, न अपनो कदर की और न परायओं की. विरोधियों को दुश्मन की तरह देखा. हम कहते थे कोई कुछ कहता है तो समझिए वो भी देशहित में कह रहा है. कई मीटिंग्स में कहा गया कि स्पोर्ट्स मैन स्पिरिट होता है. अगर विपक्ष अच्छी बात करे तो उनकी तारीफ करें और उन्हें सलाम करें, लेकिन अगर आपको अच्छा नहीं लगता तो भूल जाइये. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना मां दुर्गा से की थी. इससे इंदिरा मैडम की शान तो बढ़ी ही, लेकिन असल में शान अटल जी की बढ़ी, कि उन्होंने विपक्ष में रहते हुए उनकी सराहना की.