पुराने फार्मूले पर अटका गठबंधन, पंजाब में 10 सीटों पर अकाली और 3 सीटों चुनाव लड़ेगी बीजेपी

पंजाब में कुल 13 सीटें हैं. साल 2014 में शिरोमणी अकाली दल ने 4 सीटों पर दर्ज की थी तो बीजेपी 2 सीटों पर कब्जा जमाया था. गुरुवार की सुबह में अमित शाह और सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के बाद लिया गया फैसला.

नयी दिल्ली: पंजाब में फिर से पुराने सहयोगी मिल गए हैं . 2014 में जो स्थिति बनी थी, उसी को फिर से 2019 में दोहराया जा रहा है. बीजेपी ने इस बार भी अपने पुराने सहयोगी शिरोमणी अकाली दल का हाथ थामा है. राज्य में 10 सीटों पर अकाली दल और 3 सीटों पर बीजेपी चुनाव लड़ेगी. यह जानकारी खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ट्विटर एकाउंट पर दिया.

इससे पहले गुरूवार की सुबह में शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी. हालाकि सियासी गलियारों में ये भी हलचल थी कि इस बार बीजेपी कुछ और सीटों की मांग कर सकती है लेकिन बात नहीं बन पाई . सुखबीर सिंह बादल ने बीजेपी की इस मांग खारिज कर दिया. सुखबीर सिंह बादल ने पुराने फार्मूले पर ही चुनाव लड़ने की बात कही. इसका मतलब हुआ कि बीजेपी को साल 2014 के चुनाव की तरह इस बार 3 सीटों पर चुनाव लड़ना होगा.
आम आदमी पार्टी ने बिगाड़ा था खेल

पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटे हैं. 2014 में भी बीजेपी और अकाली दल ने यही फार्मूला अपनाया था. लेकिन अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने खेल बिगाड़ दिया था. पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने सभी पार्टियों को चौंकाते हुए 4 सीटों पर जीत हासिल की थी. अकाली दल के खाते में 4 सीटे आई थी . जबकि बीजेपी ने 2 सीटों पर कब्जा किया था. कांग्रेस ने भी 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी.