‘राम थोरे ही उनसे मिलेंगे’, पीएम मोदी के अयोध्या जाने पर तेजस्वी का तंज

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- पीएम ने काम क्या किया है? वो बताएं, पांच सालों के हिसाब दें.

नई दिल्ली: तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार के लिए अग्रसर हो चले हैं. हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अयोध्या रैली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने मोदी जी के अयोध्या जाने पर कहा कि कोई भी कही जा सकता है, राम जी वहां थोरे ही उनसे मिलेंगे. जानिए तेजस्वी यादव ने पीएम और उनकी पार्टी के खिलाफ और क्या-क्या कहा…

  • प्रधानमंत्री के बयान- ‘जो बेल पर है जेल जायेगे’ पर तेजस्वी ने कहा कि मोदी जी ने कम से कम कबूल तो कर लिया कि उनका एक ही काम है और डरा किसको रहे है जेल भेजो या फांसी पर चढ़ाओ, लेकिन हम गरीबो की लड़ाई लड़ते रहेगे.
  • जिसको डराना था पीएम ने उनको डरा दिया है, पलटू चाचा का चेहरा उतरा हुआ है, बीजेपी ने उनकी हालत खराब कर दी है. मुजफ्फरपुर के मामले पर चुप्पी साधे है. पीएम ने काम क्या किया है? वो बताएं, पांच सालों के हिसाब दें.
  • हमको जेल भेजो न भेजो अमित शाह के बेटे के मामले की जांच तो करा दो. राहुल के मामले पर कहा आप भी यहीं हैं और हम भी यहीं हैं. राहुल जी की पैदाइश यहीं हुई है, वो यहां के सांसद है उनकी मां और दादी ने लम्बे समय से देश की सेवा की है.
  • बीजेपी के लोग बकवास कर रहे हैं, इनकी जमीन खिसक चुकी है. नरेंद मोदी को पता चल चुका है कि वो दोबारा प्रधानमंत्री नही बन रहे हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले नरेन्द्र मोदी अयोध्या दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने कहा था “2014 से पहले अयोध्या, फैजाबाद और अन्य जगह कैसे-कैसे धमाके हुए, ये हम कैसे भूल सकते हैं. वो दिन हम कैसे भूल सकते हैं जब आए दिन भारत में हमला होता था. बीते पांच वर्ष में इस तरह के धमाकों की खबर आनी बंद हो गई हैं.”
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें कितनी असंवेदनशील थी. इसका एक उदाहरण है कि 2014 में जब मैं सरकार में आया तो पता चला कि पहले की पेंशन योजनाओं में किसी को 50-60-70 रुपये मिल रहे थे. हमारी सरकार ने एक झटके से ये बंद किया और हर किसी के लिए कम से कम 1000 रु पेंशन सुनिश्चित की.

पीएम ने कहा था कि सपा-बसपा और कांग्रेस का आतंक पर नरमी का पुराना रिकॉर्ड रहा है. हमारी सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थीं और ये वोट के लिए उनको छोड़ देते थे. आज ये सभी महामिलावटी फिर से केंद्र में एक मजबूर सरकार बनाने के चक्कर में हैं.