बढ़ती जा रही राजनीतिक छुआछूत, PM मोदी ने वाराणसी में कही ये 10 बड़ी बातें

प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम लोकत्रंत में विश्वास रखने वाले लोग हैं. जहां-जहां हमें मौका मिला है, वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया है.

वाराणसी: लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. मोदी ने भगवान शिव को बेल पत्र और कमल पुष्प की माला अर्पित की. इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी भी उनके साथ मौजूद रहे. पीएम मोदी ने इस दौरान अपने समर्थकों को संबोधित किया. आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने आज वाराणसी में कौन सी 10 बड़ी बातें कहीं.

1. मैं भी भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी और कार्यकर्ता जो आदेश करते हैं उसका पालन करने का मैं भरसक प्रयास करता हूं.

2. शायद ही कोई उम्मीदवार चुनाव के समय इतना निश्चिंत होता होगा, जितना मैं था. इस निश्चिंतता का कारण आपका परिश्रम और काशीवासियों का विश्वास था. नतीजे और मतदान दोनों समय मैं निश्चिंत था और बड़े मौज के साथ केदारनाथ में बाबा के चरणों में बैठ गया था.

3. यहां की बेटियों ने जो स्कूटी यात्रा निकाली उसकी पूरे देश में और सोशल मीडिया में बड़ी चर्चा है, स्कूटी पर बैठकर हमारी बेटियों ने पूरी काशी को अपने सिर पर बैठा लिया था.

4. आज उत्तर प्रदेश देश की राजनीति को नई दिशा दे रहा है. 2014 हो, 2017 हो या 2019 हो, ये हैट्रिक छोटी नहीं है. उत्तर प्रदेश के गांव का गरीब व्यक्ति भी देश की सही दिशा के बारे में सोचता भी है और उस दिशा में चलता भी है.

5. चुनाव परिणाम वो तो एक गणित होता है. 20वीं सदी के चुनावों के हिसाब-किताब भी गणित और अंकगणित के दायरे में चले होंगे, लेकिन 2014, 2017 और 2019 के चुनाव में देश के राजनीतिक विश्लेषकों को मानना होगा कि अर्थमैटिक के आगे भी केमिस्ट्री होती है. देश में समाज शक्ति की जो कैमिस्ट्री है.

Narendra Modi, बढ़ती जा रही राजनीतिक छुआछूत, PM मोदी ने वाराणसी में कही ये 10 बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. (IANS/Photo)

6. आदर्शों, संकल्पों की जो कैमिस्ट्री है वो कभी-कभी सारे गुणा-भाग को, अंक गणित को पराजित कर देती है. इस चुनाव में अंक गणित को कैमिस्ट्री ने पराजित किया है.

7. हम लोकत्रंत में विश्वास रखने वाले लोग हैं. जहां-जहां हमें मौका मिला है, वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया है, जनता के अविश्वास के कारण उनकी संख्या चाहे कम ही क्यों न हो.

8. जैसे दो शक्ति हैं नीति और रीति, जैसे दो शक्ति हैं नीति और रणनीति, जैसे दो शक्ति हैं पारदर्शिता और परिश्रम, जैसे दो शक्ति हैं वर्क एंड वर्कर, वैसे ही दो संकट भी हमने झेले हैं और वो दो संकट हैं- राजनीतिक हिंसा और राजनीतिक अस्पृश्यता.

9. कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की राजनीतिक विचारधारा के कारण हत्याएं हुई है. हमारे देश में राजनीतिक छुआछूत दिनों दिन बढ़ती जा रही है. कई जगह भाजपा का नाम लेते है ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है.

10. हम दो बातों को लेकर चलने का प्रयास करते हैं. पहला- भारत की महान विरासत और दूसरा- आधुनिक विजन. हमें हमारे कल्चर को भी बरकरार रखना है और वर्तमान स्थिति का भी ध्यान रखना है.

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