मोदी सरकार के ये 3 फैसले साबित होंगे 2019 चुनाव में गेम चेंजर!

कांग्रेस पार्टी ने राफेल विमानों की खरीद में हुए कथित घोटाले के मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया है. सर्वे के मुताबिक, 41% लोग मानते हैं कि पीएम मोदी ने राफेल में गड़बड़ी की है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा पिछले दिनों लिए गए तीन फैसले 2019 लोकसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं. ये बात मार्च महीने के आखिरी हफ्ते में हुए गए एक सर्वे में सामने आई है. एनडीए सरकार ने 7 जनवरी से 26 फरवरी के बीच तीन बड़े फैसले लिए. ये हैं- बालाकोट एयर स्ट्राइक, सवर्ण आरक्षण, किसान सम्मान राशि योजना.

सीएसडीएस-लोकनीति-तिरंगा टीवी-द हिंदू और दैनिक भास्कर ने मिलकर ये प्री-पोल सर्वे किया है. सर्वे के मुताबिक, 43% लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी ही उनकी पहली पसंद हैं. वहीं, 28% लोग ही चाहते हैं कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें.

मालूम हो कि मई 2018 में हुए सर्वे में सिर्फ 34% लोग ही चाहते थे कि नरेंद्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री बनें. अब इनकी संख्या बढ़कर 43% हो गई है.

राफेल कितना बड़ा मुद्दा?
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने राफेल विमानों की खरीद में हुए कथित घोटाले के मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया है. सर्वे के मुताबिक, 41% लोग मानते हैं कि पीएम मोदी ने राफेल में गड़बड़ी की है.

विकास, मंहगाई या मंदिर? 
सर्व में शामिल 33% लोगों का कहना है कि वो विकास के मुद्दे पर वोट डालेंगे. वहीं, 25% लोगों ने कहा कि इस चुनाव में मंहगाई उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है. दिलचस्प है कि केवल 3% लोगों के लिए राफेल-मंदिर बड़े मुद्दे हैं.

एयर स्ट्राइक का किसे मिला श्रेय?
सीएसडीएस-लोकनीति-तिरंगा टीवी-द हिंदू और दैनिक भास्कर के सर्वे में एक और दिलचस्प बात सामने आई है. इनके मुताबिक, देश के हर कोने में लोगों ने एयर स्ट्राइक का श्रेय मोदी सरकार की बजाय वायुसेना को दिया.

इसमें दक्षिण भारत के 60% लोगों ने एयर स्ट्राइक का श्रेय वायुसेना को दिया. वहीं, हिंदी भाषी राज्यों में 22% लोगों ने पीएम मोदी को इसका क्रेडिट दिया.

‘न्याय’ से कितना लाभ?
सर्वे में लोगों से राहुल गांधी की न्यूनतम आय योजना (न्याय) के प्रभाव को लेकर भी सवाल किया गया. जिन लोगों को इस वादे के बारे में जानकारी है, उनमें 28% राहुल को प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं. वहीं, जिन लोगों ने इस वादे के बारे में नहीं सुना है, उनमें 21% लोग चाहते हैं कि राहुल पीएम बनें.